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Alert: चीन में फैल रही है एक और गंभीर बीमारी, अब तक 7000 से अधिक लोग हुए शिकार; भारत में भी हो सकता है खतरा

Fri, 08 Aug 2025 09:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • चीन के कई शहरों में चिकनगुनिया बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, यहां 7000 से अधिक लोग इस रोग का शिकार पाए गए हैं। बीमारी के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है।
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चीन में चिकनगुनिया का प्रकोप - फोटो : Freepik.com
Chikungunya Outbreak In China: पिछले एक दशक का डेटा उठाकर देखें तो पता चलता है कि चीन कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों का हब बना हुआ है। साल 2019 के आखिरी के महीनों में कोरोनावायरस का प्रकोप चीन से ही शुरू हुआ था, इसके बाद यहीं से मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम-सीओवी (मार्स सीओवी) का एक प्रकोप देखने को मिला।

हालिया रिपोर्ट्स में चीन में बढ़ती एक और बीमारी को लेकर विशेषज्ञों की टीम ने अलर्ट किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दक्षिणी चीन के कई शहरों में चिकनगुनिया बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, यहां बुधवार (6 अगस्त) तक 7000 से अधिक लोग इस रोग का शिकार पाए गए हैं। बीमारी के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है।

चीन में चिकनगुनिया के प्रसार को रोकने के लिए अधिकारियों ने इस हफ्त कई कदम उठाए हैं। चिकनगुनिया एक ऐसा वायरस है जो अक्सर तेज बुखार और जोड़ों के दर्द का कारण बनता है। गौरतलब है कि हर साल मानसून और इसके बाद के कुछ महीनों में भारत में भी इस रोग के मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है।
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चिकनगुनिया और इसका खतरा - फोटो : Freepik.com
बीमारी के बढ़ते मामलों को लेकर अलर्ट

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन का फोशान शहर इस रोग से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक है, जहां चिकनगुनिया के मरीजों को तब तक अस्पताल में रहने का आदेश दिया गया है जब तक उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव न आ जाए। इसके अलावा एक सार्वजनिक नोटिस में, खुदरा दवा वाली दुकानों को रोगियों के नाम से पंजीकरण शुरू करने और चिकनगुनिया के लक्षणों, जैसे बुखार, चकत्ते और जोड़ों के दर्द, के इलाज के लिए दवाइयां बेचते समय रिकॉर्ड रखने का आदेश दिया गया है। इससे रोगियों का डेटा रखना आसान हो सकता है।

ये मच्छरों के कारण होने वाली बीमारी है, जिसकी रोकथाम को लेकर भी अधिकारियों ने अलर्ट किया है। कुछ होटल और रेस्टोरेंट, जो मच्छरों के प्रजनन स्थलों को तुरंत खत्म करने में विफल रहे, उन्हें दंडित किया जा चुका है। फोशान के अलावा कम से कम 12 अन्य शहरों में भी संक्रमण की सूचना मिली है।
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मच्छरों से होने वाली बीमारियां - फोटो : Freepik.com

चिकनगुनिया रोग और इसका खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, चिकनगुनिया मच्छर जनित बीमारी है जो एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस मच्छर के काटने से फैलती है। चिकनगुनिया वायरस शारीरिक संपर्क या लार के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। इस बीमारी के कारण रोगियों को तेज बुखार के साथ जोड़ों व शरीर में तेज दर्द जैसे लक्षण होते हैं, जो हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। ज्यादातर लोग लगभग एक हफ्ते में इस बीमारी से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा अधिक भी हो सकता है।

दुर्लभ मामलों में, लक्षण महीनों या वर्षों तक भी रह सकते हैं। यह शायद ही कभी घातक होता है, 1000 में से किसी एक व्यक्ति की इससे मौत हो सकती है।

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चिकनगुनिया के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
चिकनगुनिया में क्या दिक्कतें होती हैं?

चिकनगुनिया के लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के तीन से सात दिनों के बीच दिखने लगते हैं। बुखार और जोड़ों का दर्द होना इसके सबसे आम लक्षण हैं। बुखार आमतौर पर अचानक शुरू होता है। कुछ लोगों में लक्षण इतने हल्के हो सकते हैं कि आमतौर पर इसे सामान्य फ्लू या कोई अन्य हल्की बीमारी मान लिया जाता है।
  • बुखार के साथ कुछ लोगों को चिकनगुनिया के कारण सिरदर्द-मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, शरीर पर चकत्ते, थकान-कमजोरी और मतली जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायरस से संक्रमित गर्भवती महिलाओं से भ्रूण में ये वायरस नहीं फैलता। स्तनपान के माध्यम से भी इसका खतरा शिशुओं में नहीं देखा गया है।
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मच्छर जनित बीमारियों का जोखिम - फोटो : Freepik.com
इस रोग से बचाव के लिए क्या उपाए किए जाएं? 

जिन स्थानों पर चिकनगुनिया के मामले अधिक होते हैं वहां पर इससे बचाव के लिए कुछ टीके उपलब्ध हैं। इसके अलावा सभी लोगों को मच्छरों से बचाव को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी जाती रही है।
  • बांहों-पैरों, हाथों को ढकने वाले कपड़े पहनें।
  • अपने घर के आस-पास पानी न जमा होने दें। खाली पड़े गमले, पुराने टायर, बाल्टियां आदि हटा दें।
  • मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
  • मच्छरों को घर में प्रवेश से रोकने के लिए  सुनिश्चित करें कि आपकी खिड़कियां और दरवादे बंद रहें।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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