फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: 60 की उम्र में भी बने रहना चाहते हैं हेल्दी और जवान? डॉक्टर ने बताए इसके तीन कारगर तरीके

Sat, 28 Mar 2026 08:14 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आप भी बुढ़ापे में जवां बने रहना चाहते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और अच्छी नींद क्रॉनिक बीमारियों जैसे हृदय रोग, डायबिटीज और हड्डियों की कमजोरी का खतरा काफी हद तक कम कर सकते हैं।
विज्ञापन
1 of 4
बुढ़ापे में भी हेल्दी कैसे रहें? - फोटो : adobe stock images
बुढ़ापा आना एक शारीरिक अवस्था है, आमतौर पर 50 की उम्र के बाद शरीर की मांसपेशियां, हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, शारीरिक शक्ति और यादादाश्त क्षीण होने लग जाती है इसे बुढ़ापे का लक्षण माना जाता है।

हालांकि जिस तरह से लोगों की लाइफस्टाइल और डाइट में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, बुढ़ापे के लक्षण भी अब पहले ही दिखने लग गए हैं। 30 की उम्र में बाल झड़ने, हड्डियों की दिक्कत बढ़ने लग गई हैं, कहीं आप भी तो इन समस्याओं का शिकार नहीं हैं?

हम अक्सर मान लेते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर का कमजोर होना तय है, लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सही दिनचर्या और संतुलित आहार अपनाकर बुढ़ापे में भी शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ और फिट रखा जा सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और अच्छी नींद आपको क्रॉनिक बीमारियों से न सिर्फ बचाए रखने में मदद कर सकती है, साथ ही बुढ़ापे के लक्षणों को भी देर कर सकती है।

अगर आप भी 60 की उम्र तक शरीर को स्वस्थ और जवां बनाए रखना चाहते हैं तो इसके लिए डॉक्टरों ने कुछ आसान से उपाए बताए हैं।
विज्ञापन

2 of 4
कम उम्र से ही ठीक रखें डाइट - फोटो : Freepik.com
नियमित व्यायाम से दूर होती है सार्कोपेनिया की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, उम्र बढ़ने के साथ मसल मास कम होता है, जिसे सार्कोपेनिया कहा जाता है, लेकिन रिसर्च बताती है कि प्रोटीन युक्त आहार और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज से इस प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है। अमर उजाला में हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में सार्कोपेनिया और इसके बढ़ते खतरे को लेकर जानकारी दी थी। 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार,हफ्ते कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने और क्रॉनिक बीमारियों से बचाए रखने में मददगार हो सकती है। 


अच्छी डाइट भी जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बुढ़ापे में शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए पहले से ही नियमित रूप से प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और ओमेगा-3 वाली चीजों का सेवन करें।
 
  • दालें, पनीर, अंडे, मछली, अलसी और चिया सीड्स मांसपेशियों और दिल के लिए फायदेमंद हैं। 
  • हरी सब्जियां और फल एंटीऑक्सीडेंट देते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। 
  • साबुत अनाज और फाइबर पाचन ठीक रखते हैं और शुगर कंट्रोल में मदद करते हैं।
विज्ञापन

3 of 4
बुढ़ापे में बढ़ जाती हैं कई तरह की दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
इन लक्षणों से पहचानिए बुढ़ापे को 

बुढ़ापे के साथ शारीरिक बनावट और स्थितियों में कुछ बदलाव नजर आने लगते हैं।
 
  • उम्र बढ़ने से चेहरे पर बारीक रेखाएं दिखने लगती हैं।
  • उम्र के साथ चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है। जोड़ों में कमजोरी और दर्द बढ़ जाता है।
  • याददाश्त और नजर कमजोर होने लग जाती है। बढ़ती उम्र के साथ दिमाग के काम करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। 
विज्ञापन

4 of 4
आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
डाइट में तीन चीजें कम करेंगी बुढ़ापे की दिक्कतें
 
आहार विशेषज्ञों ने बुढ़ापे में भी शरीर को हेल्दी रखने के लिए कुछ चीजों को नियमित रूप से खाने की सलाह दी है। ये दिल और दिमाग दोनों को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है।
 
  • डाइट में फैटी फिश जरूर होनी चाहिए, इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होती है। ये दिल और दिमाग दोनों को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है।
  • चिया सीड्स शाकाहारियों के लिए अच्छा विकल्प है। यह मछली की तरह ही शरीर को ओमेगा-3 देता है। पाचन को ठीक रखने में इससे मदद मिलती है।
  • फ्लैक्स सीड्स सूजन कम करती है और आंखों-दिल के लिए अच्छा है। इसके नियमित सेवन से हार्ट हेल्थ की दिक्कतों से बच सकते हैं।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें