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अध्ययन: प्लास्टिक का ज्यादा उपयोग बढ़ा रहा है मोटापे का खतरा, वैज्ञानिकों ने इन खतरों को लेकर भी किया सावधान

Fri, 04 Feb 2022 03:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्लास्टिक बढ़ा रह है मोटापे का खतरा - फोटो : iStock
मोटापा, तेजी से बढ़ते गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों में से एक है। अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापे के कारण लोगों में डायबिटीज, हृदय रोग और कई तरह की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। अगर हम सिर्फ अपने वजन को ही नियंत्रित कर लें तो इस तरह की कई गंभीर समस्याओं के खतरे से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। पर चिंताजनक बात यह है कि पिछले एक दशक में वैश्विक स्तर पर मोटापे के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली और आहार की गड़बड़ी को इसका प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। हाल के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने उस एक खतरे के बारे में पता लगाया है जिसके कारण समय के साथ मोटापे की समस्या और बढ़ती जा रही है।

एनवायरनमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि हम जाने-अनजाने मोटापे के कई जोखिम कारकों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। प्लास्टिक के सामानों के बढ़ता उपयोग भी उनमें से एक है। रोजमर्रा उपयोग में लाई जा रही प्लास्टिक की वस्तुओं में मौजूद रसायन हमें समय के साथ मोटा बना रहे हैं। हम सिर्फ मोटे ही नहीं हो रहे, यह कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को भी बढ़ा रहा है। आइए इस अध्ययन की महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं।
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प्लास्टिक में मौजूग रसायन हैं बेहद नुकसानदायक - फोटो : Pixabay
प्लास्टिक के कारण बढ़ रहा है मोटापे का खतरा
शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन प्लास्टिक की चीजों को रोजाना हम प्रयोग में लाते हैं, उनमें कई प्रकार के रसायन होते हैं, जिनमें से तो बहुतों के बारे में हमें पता भी नहीं होता। चूहों पर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि इन चीजों में कई ऐसे रसायन होते हैं जो पर्यावरण के संपर्क में आकर फैट सेल्स को बढ़ाने लग जाते हैं। इसके अलावा इनमें से कुछ रसायन मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित कर सकते हैं, जिससे मोटापे का खतरा बढ़ जाता है।
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प्लास्टिक की चीजों में भोजन करना भी हानिकारक - फोटो : pixabay
भोजन में भी प्रवेश कर चुका है प्लास्टिक रसायन
शोधकर्ताओं का कहना है कि जाने- अनजाने प्लास्टिक हमारी खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर चुका है। स्थलीय और समुद्री वातावरण में मैक्रो-प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, ऐसे में शी-फूड, मछलियों और कई अन्य खाद्य पदार्थों के माध्यम से यह रसायन हमारे शरीर में पहुंचकर गंभीर समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसके अलावा प्लास्टिक की चीजों में गर्म भोजन खाना भी शरीर में कई तरह के रसायनों के प्रवेश का कारण बन सकता है। इस बारे में सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।

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वजन बढ़ने की समस्या - फोटो : iStock
रसायनों के कारण शरीर को हो सकता है गंभीर नुकसान
प्लास्टिक के कारण शरीर को होने वाले नुकसान के बारे में पहले भी कई अध्ययनों में स्पष्ट हो चुका है। वैज्ञानिकों ने पहले के शोध में बताया कि  ये रसायन मानव के संपूर्ण विकास और प्रजनन क्षमता के लिए नुकसानदायक हैं, वहीं अब प्रयोगशाला आधारित अध्ययनों से संकेत मिलता है कि यह मोटापे को भी बढ़ावा दे सकते हैं। इससे पहले साल 2019 के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया था कि अकेले प्लास्टिक फूड पैकेजिंग में ही 4,000 से अधिक ज्ञात रासायन हो सकते हैं, जिससे शरीर को गंभीर तरीक से क्षति का खतरा रहता है। 
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युवाओं में मोटापे की समस्या - फोटो : istock
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों का कहना है कि दैनिक जीवन में प्लास्टिक का बढ़ता प्रयोग मोटापे जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता जा रहा है। शरीर का वजन बढ़ने से टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, फैटी लीवर डिजीज, स्ट्रोक और कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। हमारी यह आदत भविष्य के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है, इस बारे में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।


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स्रोत और संदर्भ
Secular differences in the association between caloric intake, macronutrient intake, and physical activity with obesity

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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