फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: त्वचा खुद बताती है सेहत का हाल, इन छोटे-छोटे बदलावों से लगा सकते हैं बीमारियों का पता

Sun, 26 Oct 2025 06:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • शरीर में पनप रही कई बीमारियों का शुरुआती असर त्वचा पर देखा जा सकता है। अगर त्वचा बार-बार सूख रही है या खुजली हो रही है, तो ये थायरॉयड या डायबिटीज का संकेत हो सकता है। 
विज्ञापन
1 of 5
त्वचा में दिखने वाले बदलावों पर दें ध्यान - फोटो : Adobe stock
लोगों की खराब होती लाइफस्टाइल, खान-पान में गड़बड़ी और शारीरिक रूप से कम सक्रियता ने कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। लिहाजा मौजूदा समय में क्रॉनिक बीमारियां जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, किडनी की समस्या और थायरॉयड काफी आम हो गई हैं। ये बीमारियां धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करती हैं और कई बार इनका तब तक पता नहीं चलता जब तक स्थिति गंभीर न हो जाए। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को समय पर बीमारियों का पता लगाने वाले टेस्ट कराते रहने की सलाह देते हैं।

डॉक्टर कहते हैं, हर बार आपको बीमारियों का पता लगाने के लिए जांच कराते रहने की आवश्यकता नहीं होती है। आपकी आंखें, त्वचा, होंठ की बनावट और नमी में आने वाले बदलाव भी शरीर के अंदर चल रही कई बीमारियों के संकेत दे सकते हैं। इनपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।
विज्ञापन

2 of 5
त्वचा में परिवर्तन पर दें ध्यान - फोटो : Adobe stock
त्वचा में होने वाले बदलावों पर दें ध्यान

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि शरीर में पनप रही कई बीमारियों का शुरुआती असर त्वचा पर देखा जा सकता है। अगर त्वचा बार-बार सूख रही है या खुजली हो रही है, तो ये थायरॉयड या डायबिटीज का संकेत हो सकता है। इसी तरह से होंठों या त्वचा का नीला पड़ना ऑक्सीजन की कमी या हृदय रोगों का संकेत माना जाता है। अगर आपके चेहरे पर अचानक दाने, एक्ने या रैशेज आने लगें हों तो ये संकेत हो सकता है कि शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन हो रहा है या इम्यून सिस्टम में किसी तरह की समस्या है।

डॉक्टर कहते हैं, अगर त्वचा पर असामान्य परिवर्तन लंबे समय तक बने रहें, तो उसे नजरअंदाज न करें। शुरुआती जांच और सही इलाज से गंभीर बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए आईने में त्वचा पर दिख रहे बदलावों पर गंभीरता से ध्यान दें और समय रहते इसका इलाज कराएं। आइए जानते हैं कि त्वचा में किस तरह के बदलाव की क्या संकेत होता है?
विज्ञापन

3 of 5
गर्दन पर दिखने वाले निशान - फोटो : Adobe stock
गर्दन पर कालापन या धारियों के निशान

अगर आपने अपनी गर्दन या बगलों के आसपास काला धब्बा देखा है, तो यह एकेंथोसिस निग्रिकन्स हो सकता है, जो मधुमेह या पीसीओएस का शुरुआती संकेत है। त्वचा विशेषज्ञ डॉ. गुरवीन वराइच कहती हैं, इस तरह का कालापन संकेत है कि आपके शरीर में इंसुलिन का स्तर गड़बड़ा रहा है। कुछ मामलों में इसे लिवर से संबंधित बीमारियों के लक्षण के रूप में भी देखा जाता है।

4 of 5
आंखों पर दिखने वाले बदलाव - फोटो : Freepik.com
आंखों के आसपास पीले रंग का जमाव

अगर आपकी आंखों के आसपास, ऊपरी या निचली पलकों पर छोटे पीले धब्बे दिख रहे हैं और ये बढ़ रहे हैं तो समय रहते इसकी जांच जरूर करा लें। इसे जैंथेलास्मा कहा जाता है।

डॉ. वरैच बताती हैं कि ये उच्च कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है, इसलिए अपने लिपिड प्रोफाइल की जांच करवाएं और अगर कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा हुआ है तो समय रहते इसका इलाज कराएं। इन लक्षणों को अनदेखा करना हृदय रोगों को न्योता हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
त्वचा में दिखने वाले बदलावों पर दें ध्यान - फोटो : Adobe stock
मुंह के कोनों पर दरारें

आपके होंठों के कोनों पर कट या फटने जैसे निशान सिर्फ ड्राइनेस का संकेत नहीं होते हैं। ये विटामिन-बी12 या आयरन की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। ये शरीर के लिए अति आवश्यक पोषक तत्व माने जाते हैं जिनकी कमी बने रहना गंभीर बीमारियों को भी जन्म देने वाला हो सकता है।


खोपड़ी पर गोल-गोल सिक्के जैसे गंजेपन के निशान

अगर आपको बालों के झड़ने का गोल निशान दिखाई दे रहा है, तो यह एलोपेसिया एरीटा हो सकता है। येअक्सर तनाव, थायरॉइड की समस्याओं या ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़ा होता है। इस तरह की समस्याओं को सिर्फ बालों से संबंधित दिक्कत मानकर अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।




-------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें