चांदीपुरा के कारण जोखिम
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संक्रमण हो जाए तो क्या करें?
यदि किसी बच्चे या व्यक्ति में चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाएं। चूंकि इस संक्रमण के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है इसलिए डॉक्टर लक्षणों और संक्रमण के कारण होने वाली जटिलताओं को ठीक करने का प्रयास करते हैं।
- मरीज की सांस, ब्लड प्रेशर, शरीर में पानी की मात्रा और मस्तिष्क की स्थिति की लगातार निगरानी की जाती है।
- समय पर अस्पताल पहुंचना जटिलताओं और संक्रमण के कारण मौत के जोखिम को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
- डॉक्टर कहते हैं संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए सैंडफ्लाई और अन्य कीटों से बचाव के उपाय करते रहना बहुत जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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