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ब्लड प्रेशर कैसे कंट्रोल करें: कम नमक खाने के बाद भी बढ़ रहा है BP? कहीं ये गलतियां तो नहीं कर रहे आप

Thu, 15 Oct 2026 10:55 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

blood pressure lifestyle triggers: ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह सिर्फ नमक नहीं है। तनाव, नींद की कमी, शारीरिक गतिविधि का अभाव, कैफीन का अधिक सेवन, शराब, तंबाकू, बढ़ता वजन और कुछ दवाएं भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं। अपनी रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देकर और समय पर जांच कराकर आप अपने हृदय स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकते हैं।

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नमक के बिना कैसे बढ़ रहा बीपी - फोटो : AI

High Blood Pressure Causes: आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गया है। अक्सर जब भी ब्लड प्रेशर बढ़ने की बात होती है, तो सबसे पहले नमक कम खाने की सलाह दी जाती है। इसमें कोई शक नहीं कि ज्यादा नमक का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कारण है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रोजमर्रा की कुछ ऐसी आदतें भी हैं, जिनका असर आपके ब्लड प्रेशर पर पड़ सकता है? कम नींद लेना, लगातार तनाव में रहना, दिनभर बैठे रहना, जरूरत से ज्यादा कैफीन लेना और शराब का सेवन करना ऐसे कारक हैं, जो ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

कई बार लोग खाने में नमक कम कर देते हैं, लेकिन अपनी बाकी आदतों पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा कुछ दवाएं, मोटापा और नींद के दौरान सांस लेने से जुड़ी समस्याएं भी उच्च रक्तचाप से संबंधित हो सकती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए केवल खानपान ही नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं नमक के अलावा कौन-से छिपे हुए कारण आपके ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं और इन्हें नियंत्रित रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं।

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तनाव - फोटो : Freepik.com

लगातार तनाव में रहना

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, आर्थिक परेशानियां और पारिवारिक जिम्मेदारियां तनाव बढ़ा सकती हैं। जब व्यक्ति तनाव में होता है, तो शरीर में कुछ हार्मोन निकलते हैं, जिससे दिल की धड़कन तेज हो सकती है और रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं। इससे कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

हालांकि, लंबे समय तक तनाव रहने और स्थायी हाई ब्लड प्रेशर के बीच संबंध को पूरी तरह समझने के लिए अभी और शोध की जरूरत है। तनाव के दौरान कुछ लोग ज्यादा खाना, धूम्रपान या शराब का सेवन करने लगते हैं, जो समस्या को बढ़ा सकता है।

क्या करें: रोजाना कुछ समय योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के अभ्यास या हल्की सैर के लिए निकालें। काम के बीच छोटे ब्रेक लें और पर्याप्त आराम करने की कोशिश करें।

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नींद - फोटो : Freepik.com

पर्याप्त नींद न लेना

 

 

अगर आप देर रात तक जागते हैं या रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो यह आपकी सेहत को प्रभावित कर सकता है। अच्छी नींद शरीर को आराम देने के साथ-साथ हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

लगातार कम या खराब गुणवत्ता वाली नींद हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम से जुड़ी हो सकती है। इसके अलावा, नींद में बार-बार खर्राटे लेना, सांस रुकने जैसा महसूस होना या दिनभर अत्यधिक नींद आना स्लीप एपनिया के संकेत हो सकते हैं। यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है। इसका संबंध उच्च रक्तचाप से भी पाया गया है।

क्या करें: नियमित समय पर सोने और जागने की आदत डालें। वयस्कों को आम तौर पर हर रात कम से कम सात घंटे की नींद लेने का लक्ष्य रखना चाहिए। यदि तेज खर्राटे आते हैं या सोते समय सांस रुकती महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

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चाय-कॉफी - फोटो : istock

जरूरत से ज्यादा चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स

चाय और कॉफी का सेवन कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। लेकिन इनमें मौजूद कैफीन कुछ लोगों में थोड़े समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। इसका असर व्यक्ति की कैफीन के प्रति संवेदनशीलता और सेवन की मात्रा पर निर्भर करता है।

एनर्जी ड्रिंक्स और कैफीन वाले कुछ अन्य पेय भी इस समस्या में योगदान दे सकते हैं। यदि आप पहले से हाई बीपी के मरीज हैं, तो कैफीन के सेवन पर ध्यान देना जरूरी है।

क्या करें: जरूरत से ज्यादा चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स लेने से बचें। आप चाहें तो कैफीन वाला पेय लेने से पहले और लगभग 30 मिनट बाद अपना ब्लड प्रेशर मापकर अंतर देख सकते हैं। यदि रीडिंग बार-बार बढ़ती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

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दिनभर बैठे रहना और व्यायाम न करना - फोटो : Adobe

दिनभर बैठे रहना और व्यायाम न करना

 

 

अगर आपका ज्यादातर समय ऑफिस की कुर्सी, सोफे या मोबाइल के सामने बैठकर गुजरता है, तो शारीरिक गतिविधि की कमी आपके हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। नियमित व्यायाम न करने से वजन बढ़ने और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम भी बढ़ सकता है।

शारीरिक गतिविधि से दिल और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। इसके लिए जिम जाना ही जरूरी नहीं है। पैदल चलना, साइकिल चलाना, तैरना या घर के काम करना भी उपयोगी गतिविधियां हो सकती हैं।

क्या करें: अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार रोजाना चलने की आदत डालें। वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि एक सामान्य स्वास्थ्य लक्ष्य है। लंबे समय तक लगातार बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलें।

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तंबाकू। - फोटो : Adobe

शराब और तंबाकू का सेवन

शराब का अधिक सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। वहीं, तंबाकू और निकोटीन रक्त वाहिकाओं तथा हृदय पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। धूम्रपान करने से ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ सकता है और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है।

इन आदतों का असर केवल ब्लड प्रेशर तक सीमित नहीं है। लंबे समय में ये हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को भी बढ़ा सकती हैं।

क्या करें: शराब से परहेज करना या उसका सेवन बंद करना बेहतर स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों से दूर रहें। यदि इन्हें छोड़ने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर की मदद लें।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

कुछ दवाओं का बिना जानकारी के इस्तेमाल

कई लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि कुछ सामान्य दवाएं भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, सर्दी-जुकाम में इस्तेमाल होने वाली कुछ नाक खोलने की दवाएं, इबुप्रोफेन जैसी कुछ दर्द निवारक दवाएं और कुछ अन्य दवाएं कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि इन दवाओं को हर स्थिति में बंद कर देना चाहिए। किसी दवा का असर उसकी मात्रा, इस्तेमाल की अवधि और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

क्या करें: यदि आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट को अपनी सभी दवाओं और सप्लीमेंट्स की जानकारी दें। डॉक्टर की सलाह के बिना पहले से निर्धारित दवा बंद न करें और न ही उसकी खुराक बदलें।

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Junk Food, - फोटो : istock

बढ़ता वजन और असंतुलित खानपान

ब्लड प्रेशर का संबंध केवल खाने में ऊपर से डाले जाने वाले नमक से नहीं है। पैकेट वाले स्नैक्स, प्रोसेस्ड फूड और अधिक नमक वाले तैयार खाद्य पदार्थों से भी शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ सकती है। इसके अलावा, असंतुलित खानपान, अधिक कैलोरी का सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी से वजन बढ़ सकता है।

अधिक वजन होने पर हृदय को शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इससे उच्च रक्तचाप का जोखिम बढ़ सकता है। फलों, सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों की कमी भी संतुलित आहार को प्रभावित कर सकती है।

क्या करें: अपने आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। पैकेट वाले खाद्य पदार्थों पर सोडियम की मात्रा पढ़ें और नमक का सेवन सीमित रखें। यदि वजन अधिक है, तो धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से वजन नियंत्रित करने की कोशिश करें।


ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए क्या जरूरी है?

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए अपनी जीवनशैली में छोटे लेकिन नियमित बदलाव करना उपयोगी हो सकता है। संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और तंबाकू से दूरी महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना भी जरूरी है, क्योंकि उच्च रक्तचाप में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।

अगर घर पर ब्लड प्रेशर की रीडिंग बार-बार अधिक आती है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। केवल एक रीडिंग के आधार पर खुद से बीमारी का निष्कर्ष न निकालें। डॉक्टर आपकी स्थिति, अन्य बीमारियों और दवाओं के आधार पर उचित सलाह दे सकते हैं।

ध्यान रखें कि जीवनशैली में बदलाव से कई लोगों को फायदा मिलता है, लेकिन कुछ मरीजों को ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के लिए दवाओं की भी जरूरत होती है। दवाएं अपने आप बंद करना खतरनाक हो सकता है।

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डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की जांच, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

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