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क्या बच्चों के फेफड़े कोरोना वायरस को झेलने में सक्षम हैं? जानें क्या कहते हैं बाल रोग विशेषज्ञ

Thu, 22 Apr 2021 07:54 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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बच्चों के फेफड़े मजबूत होते हैं - फोटो : iStock
डॉ. विपिन जैन
बाल रोग विशेषज्ञ


कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का सबसे ज्यादा असर युवाओं में देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 20 से 40 आयु वर्ग वाले लोगों को वायरस का यह नया स्ट्रेन ज्यादा शिकार बना रहा है। इतना ही नहीं इस बार संक्रमित लोगों को सांस लेने में बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका मतलब है कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि अगर बच्चों को कोरोना संक्रमण हो जाए तो क्या उनके फेफड़े वायरस के संक्रमण को झेलने में सक्षम हैं?
आइए जानते हैं कि इस बारे में बाल रोग विशेषज्ञ का क्या कहना है?
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अमर उजाला से एक बातचीत के दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन जैन बताते हैं कि अब तक के मामलों के आधार पर कहा जा सकता है कि बच्चों में कोरोना के मामले फिलहाल ज्यादा नहीं हैं। जो बच्चे संक्रमित हो भी रहे हैं उनमें से ज्यादा बच्चे सामान्य दवाइयों से कुछ ही दिनों में ठीक भी हो जा रहे हैं। कोरोना वायरस बच्चों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बच्चों के फेफड़े पर कोरोना वायरस के प्रभाव के बारे में  डॉ. विपिन बताते हैं कि बच्चों को सांस लेने की दिक्कत कम हो रही है। चूंकि बच्चों को आमतौर पर पहले से कोई गंभीर रोग नहीं होता है ऐसे में वायरस का असर उनके फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर रहा है। हालांकि जिन बच्चों को जन्मजात हृदय रोग, किडनी या मानसिक रोगों की दिक्कत है सिर्फ उन्हें खतरा ज्यादा हो सकता है।

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कैसे रखे कोरोना में बच्चों का ध्यान - फोटो : iStock
बच्चों को कोरना हो जाए तो क्या करें?
डॉ विपिन कहते हैं कि अगर बच्चों को कोरोना हो जाए तो घबराएं नहीं, अब तक देखने को मिला है कि बच्चों पर इसका ज्यादा असर नहीं हो रहा है। दवाइयों के बजाय इस समय होम केयर की ज्यादा जरूरत होती है। इसके अलावा बुखार और खांसी जैसे लक्षणों को सामान्य दवाओं के साथ ठीक किया जा सकता है। तेज बुखार के दौरान भी एसी- कूलर आदि चालू रखें, जिससे शरीर की ठंडक बनी रही। बार -बार पट्टी करते रहें। 
 
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घर पर रखें बच्चों का ध्यान - फोटो : iStock
घर पर कैसे रखें बच्चों का ख्याल
कोरोना के समय में बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए समय-समय पर पानी और जूस देते रहें। यहां एक बात का ध्यान जरूर दें कि बच्चों के काढ़ा या घरेलू उपचार आदि खुद से न दें। इसके लिए डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। कई घरेलू उपचार बच्चों के लिए कोरोना से ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं।
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कोरोना बच्चों पर नहीं डाल रहा है ज्यादा असर - फोटो : social media
विशेषज्ञ मानते हैं कि कोरोना का असर बच्चों को ज्यादा दिक्कत नहीं दे रहा है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि देश के बच्चे तंबाकू उत्पादों के सेवन से सुरक्षित हैं, जिससे उनके फेफड़े काफी स्वस्थ हैं। इसके अलावा बच्चे अब कुपोषण के शिकार भी कम ही हैं जिसके कारण कोरोना का अब तक उनपर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। हालांकि माता-पिता को उन्हें संक्रमण से सुरक्षित रखने के सभी उपायों को प्रयोग में लाते रहना चाहिए। 

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नोट: यह लेख बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन जैन से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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