हीट स्ट्रोक होने का जोखिम
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हीटवेव-हीट स्ट्रोक के बारे में जानिए
हीटवेव यानी लू के कारण हीट स्ट्रोक होने का जोखिम बढ़ जाता है। हीटस्ट्रोक को जानलेवा स्थिति माना जाता है, इसमें शरीर का तापमान 104 डिग्री फ़ारेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) से ऊपर हो जाता है। आमतौर पर हमारा शरीर, पसीने के उत्पादन की मदद से शरीर के ताप को संतुलित रखता है, पर अत्यधिक गर्मी-धूप के कारण कई बार पसीने के तंत्र में बाधा आ जाती है जिसके कारण शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है।
हीट स्ट्रोक की स्थिति में 104 डिग्री से अधिक बुखार होने, त्वचा में सूखापन और पसीना न होने, संतुलन की समस्या, चक्कर आने, हृदय गति बढ़ने, उल्टी-दस्त की दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ लोगों में हीट स्ट्रोक ब्रेन डैमेज और मौत का भी कारण बन सकता है।