भारतीय महिलाओं में जिन कैंसर के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं, स्तन कैंसर उनमें से एक है। साल 2020 में देश में रिपोर्ट किए गए कैंसर के कुल मामलों में से 13.5 फीसदी केस स्तन कैंसर के थे। इसकी मृत्युदर भी 12.7 फीसदी के करीब रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, विश्व स्तर पर भी महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम घातक बीमारी है। 1990 के दशक के दौरान भारत में सबसे आम कैंसर की सूची में स्तन कैंसर के मामले चौथे स्थान पर थे, हालांकि अब यह शीर्ष बन गया है। इस घातक समस्या से बचे रहने के लिए सभी महिलाओं को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते कैंसर के इस जोखिम को लेकर लोगों को जागरूक करने और बचाव के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से अक्तूबर का यह महीना विश्व स्तर कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है।
स्तन में गांठ, निप्पल से रक्त स्राव और निप्पल या स्तन के आकार में असामान्य बदलाव की स्थिति को कैंसर के जोखिम के तौर पर जाना जाता है। इसका इलाज कैंसर की स्टेज पर निर्भर करता है। इसमें कीमोथेरेपी, रेडिएशन, हार्मोन थेरेपी और सर्जरी को प्रयोग में लाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ सामान्य सी बातों और उपायों को ध्यान में रखकर इसके खतरे से बचा जा सकता है। आइए इस बारे में समझते हैं।