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Health Tips: स्तन कैंसर जागरूकता माह- भारतीय महिलाओं में इसका खतरा अधिक, जानिए कैसे रहें सुरक्षित?

Thu, 06 Oct 2022 11:31 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्तन कैंसर के जोखिम को कैसे कम करें? - फोटो : istock
भारतीय महिलाओं में जिन कैंसर के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं, स्तन कैंसर उनमें से एक है। साल 2020 में देश में रिपोर्ट किए गए कैंसर के कुल मामलों में से 13.5 फीसदी केस स्तन कैंसर के थे। इसकी मृत्युदर भी 12.7 फीसदी के करीब रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, विश्व स्तर पर भी महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम घातक बीमारी है। 1990 के दशक के दौरान भारत में सबसे आम कैंसर की सूची में स्तन कैंसर के मामले चौथे स्थान पर थे, हालांकि अब यह शीर्ष बन गया है। इस घातक समस्या से बचे रहने के लिए सभी महिलाओं को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ते कैंसर के इस जोखिम को लेकर लोगों को जागरूक करने और बचाव के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से अक्तूबर का यह महीना विश्व स्तर कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है।

स्तन में गांठ, निप्पल से रक्त स्राव और निप्पल या स्तन के आकार में असामान्य बदलाव की स्थिति को कैंसर के जोखिम के तौर पर जाना जाता है। इसका इलाज कैंसर की स्टेज पर निर्भर करता है। इसमें कीमोथेरेपी, रेडिएशन, हार्मोन थेरेपी और सर्जरी को प्रयोग में लाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ सामान्य सी बातों और उपायों को ध्यान में रखकर इसके खतरे से बचा जा सकता है। आइए इस बारे में समझते हैं।
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अधिक वजन के कारण ब्रेस्ट कैंसर का खतरा - फोटो : iStock
वजन बढ़ने न पाए

वजन बढ़ना कई प्रकार की शारीरिक स्वास्थ्य जोखिमों का कारण माना जाता है, स्तन कैंसर का जोखिम भी उनमें से एक है। फैट टिशू की मात्रा अधिक होने के कारण एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने का खतरा रहता है जिसके कारण स्तन कैंसर विकसित होने का जोखिम हो सकता है। इसके अलावा अधिक वजन वाली महिलाओं में इंसुलिन का स्तर भी असंतुलित रहता है,  जिससे डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
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मोटापे के कारण होने वाली बीमारियों का जोखिम - फोटो : istock
शारीरिक निष्क्रियता को कम करें

शारीरिक गतिविधि आपको स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करती है, जिससे स्तन कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। कई प्रकार के स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए डॉक्टर्स सभी लोगों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम स्तरीय व्यायाम करने की सलाह देते हैं। व्यायाम की आदत को अध्ययनों में अन्य कई प्रकार के कैंसर के जोखिमों को कम करने वाला भी बताया गया है।  

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शराब से शरीर को होने वाले नुकसान - फोटो : istock
शराब-धूम्रपान से बना लें दूरी

डॉक्टर्स बताते हैं, शराब का सेवन सीधे तौर पर स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके अलावा धूम्रपान के कारण भी कोशिकाओं से संबंधित समस्या होने का जोखिम रहता है जिससे कैंसर हो सकता है। स्तन कैंसर के साथ अन्य प्रकार के कैंसर, फेफड़े और हृदय रोगों से बचाव के लिए भी डॉक्टर्स महिला-पुरुषों दोनों को शराब-धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बनाकर रखने की सलाह देते हैं।
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पौष्टिक आहार के सेवन की आवश्यकता - फोटो : Istock
इन चीजों के सेवन से मिलता है लाभ

स्तन कैंसर के जोखिमों को कम करने के लिए खट्टे फलों के सेवन को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने काफी फायदेमंद पाया है। नींबू, संतरा, अंगूर जैसे फलों में विटामिन सी, फोलेट और कैरोटेनॉइड और फ्लेवोनोइड जैसे यौगिक तथा एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं, ये सभी स्तन कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। कैंसर के जोखिमों को कम करने के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स वाले फलों का सेवन करना भी लाभकारी माना जाता है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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