दुनियाभर में जिन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हर साल सबसे ज्यादा लोगों की मौत होती है, हार्ट अटैक और स्ट्रोक उसमें प्रमुख हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्रेन स्ट्रोक के मामले साल-दर-साल बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार हर साल विश्वभर में 15 मिलियन (1.5 करोड़) लोग स्ट्रोक से पीड़ित होते हैं, इनमें से करीब 5 मिलियन (50 लाख) लोगों की मृत्यु हो जाती है।
इतना ही नहीं स्ट्रोक के बाद जिंदा बचने वाले करीब 50 लाख लोग स्थायी रूप से विकलांग हो जाते हैं। कई मायनों में स्ट्रोक गंभीर स्वास्थ्य संकट है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्ट्रोक के बढ़ते जोखिमों के लिए कई कारणों को जिम्मेदार माना जा रहा है, लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी इसका प्रमुख वजह हो सकती है। वैसे तो 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों में स्ट्रोक होना असामान्य माना जाता है हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस आयु वर्ग में भी ये समस्या तेजी से बढ़ी है। इसमें से ज्यादातर लोगों को हाई ब्लड प्रेशर का शिकार पाया गया।
विशेषज्ञ कहते हैं, यदि स्ट्रोक के लक्षणों की समय पर पहचान होकर इसका इलाज हो जाए तो न सिर्फ रोगी की जान बच सकती है, साथ ही स्ट्रोक के कारण होने वाली अन्य जटिलताओं को भी कम किया जा सकता है।