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जानना जरूरी: क्या आपके पेशाब में आ रहा है खून? कहीं ये किडनी के कैंसर का तो नहीं है लक्षण?

Sun, 11 Oct 2026 12:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kidney Diseases: किडनी कैंसर को लेकर कई गलतफहमियां लोगों को भ्रमित कर रही हैं। पेशाब में खून आना हमेशा कैंसर का संकेत नहीं है और यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। पुरुषों में इसका जोखिम अधिक पाया जाता है। धूम्रपान, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसे कारकों को समझना जरूरी है।
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किडनी की समस्याएं - फोटो : Amarujala.com/AI
किडनी में कैंसर होना एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर पता लगना महत्वपूर्ण हो जाता है। हालांकि, इसके लक्षणों और जोखिम कारकों को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलत धारणाएं मौजूद हैं। कुछ लोग मानते हैं कि पेशाब में खून आना हमेशा कैंसर का संकेत है, तो कुछ को लगता है कि यह बीमारी केवल बुजुर्गों को होती है। ऐसी अधूरी जानकारियां बीमारी की पहचान और उपचार में देरी का कारण बन सकती हैं।

अमेरिकन कैंसर सोसायटी ने वर्ष 2023 के लिए अकेले अमेरिका में किडनी कैंसर के लगभग 81 हजार से ज्यादा नए मामलों का अनुमान लगाया था। इनमें करीब 52,360 पुरुष और 29,440 महिलाएं शामिल थीं। किडनी कैंसर के कारण होने वाली मौतों का बोझ भी वैश्विक स्तर पर गंभीर बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती चरणों में किडनी कैंसर के लक्षण स्पष्ट नही होते हैं, इसलिए जोखिम कारकों और संभावित संकेतों को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं किडनी कैंसर से जुड़े चार आम मिथकों की सच्चाई।
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किडनी की समस्याओं का खतरा - फोटो : Adobe Stock
मिथ: किडनी का कैंसर केवल बुजुर्गों को होता है

किडनी के कैंसर का खतरा उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि युवा इस बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित हैं। कम उम्र के वयस्कों में भी किडनी कैंसर हो सकता है।
 
  • धूम्रपान, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, कुछ आनुवंशिक स्थितियां इसके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
  • किडनी की कुछ क्रॉनिक बीमारियां और लंबे समय तक डायलिसिस की जरूरत भी कुछ प्रकार के किडनी कैंसर के जोखिमों का कारण हो सकती है।

उम्र कम होने के कारण असामान्य लक्षणों को अनदेखा न करें। पेशाब में खून, लगातार एक तरफ दर्द या बिना स्पष्ट कारण वजन कम होने जैसी समस्याओं में समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
 
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पेशाब की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
मिथ: पेशाब में खून आने का मतलब किडनी कैंसर है?

पेशाब में खून दिखाई देना एक ऐसा लक्षण है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि आपको किडनी कैंसर ही है। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई), किडनी में पथरी और मूत्र मार्ग से जुड़ी अन्य समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं।
 
  • कभी-कभी पेशाब में खून इतना कम होता है कि वह आंखों से दिखाई भी नहीं देता और जांच के दौरान इसका पता चलता है।
  • वहीं, पेशाब का लाल या गहरा भूरा रंग कुछ खाद्य पदार्थों और दवाओं के कारण भी हो सकता है।

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शराब के नुकसान - फोटो : Freepik.com
मिथ: शराब से केवल लिवर को नुकसान होता है, किडनी को नहीं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ, किडनी और लिवर दोनों के लिए अल्कोहल को खतरनाक मानते हैं। शराब का सेवन करने से पूरे शरीर पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे जा सकते हैं। अल्कोहल की ही तरह धूम्रपान भी किडनी कैंसर के जोखिम को दोगुना कर देता है। सिर्फ यही दो आदतें पुरुषों में गुर्दे में कैंसर के लगभग 30% और महिलाओं में लगभग 25% का कारण बनती हैं।
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महिलाओं में किडनी की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
मिथ: महिलाओं को किडनी कैंसर होने का अधिक खतरा होता है।

किडनी का कैंसर किसी भी उम्र या लिंग वालों को हो सकता है। हालांकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में इसका जोखिम लगभग दोगुना होता है। धूम्रपान और कार्यस्थल पर कैंसर पैदा करने वाले विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने के कारण इसका खतरा अधिक हो सकता है। हालांकि जिन महिलाओं को बार-बार यूटीआई या योनि संक्रमण होता रहता है उन्हें डॉक्टर से मिलकर किडनी की सेहत की जांच जरूर कराते रहना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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