किडनी में कैंसर होना एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर पता लगना महत्वपूर्ण हो जाता है। हालांकि, इसके लक्षणों और जोखिम कारकों को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलत धारणाएं मौजूद हैं। कुछ लोग मानते हैं कि पेशाब में खून आना हमेशा कैंसर का संकेत है, तो कुछ को लगता है कि यह बीमारी केवल बुजुर्गों को होती है। ऐसी अधूरी जानकारियां बीमारी की पहचान और उपचार में देरी का कारण बन सकती हैं।
अमेरिकन कैंसर सोसायटी ने वर्ष 2023 के लिए अकेले अमेरिका में किडनी कैंसर के लगभग 81 हजार से ज्यादा नए मामलों का अनुमान लगाया था। इनमें करीब 52,360 पुरुष और 29,440 महिलाएं शामिल थीं। किडनी कैंसर के कारण होने वाली मौतों का बोझ भी वैश्विक स्तर पर गंभीर बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती चरणों में किडनी कैंसर के लक्षण स्पष्ट नही होते हैं, इसलिए जोखिम कारकों और संभावित संकेतों को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं किडनी कैंसर से जुड़े चार आम मिथकों की सच्चाई।