फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत की बात: चेहरे पर ऐसे संकेतों का मतलब गड़बड़ हो रहा है शरीर में ब्लड सर्कुलेशन, तुरंत दें ध्यान वरना बढ़ सकती है परेशानी

Sat, 21 May 2022 07:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
ब्लड सर्कुलेशन की समस्या - फोटो : iStock
शरीर के सभी अंगों को बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन युक्त रक्त की निरंतर आवश्यकता होती है। शरीर का मैकेनिज्म ऐसा है जिससे सिर से लेकर पैरों तक छोटी से छोटी कोशिकाओं में निरंतर रक्त का प्रवाह बना रहता है। रक्त में मौजूद पोषक तत्व और ऑक्सीजन की मात्रा अंगों और ऊतकों को स्वस्थ रखने और कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को कम करने में विशेष भूमिका निभाती हैं।

वहीं यदि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो जाए तो इसके कारण कई तरह की समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ स्थितियों में यह गंभीर और जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ कारणों के चलते हमारे शरीर में सामान्य ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है।  धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को इसका प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। इसके साथ ही लोगों में बढ़ती सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण भी ब्लड सर्कुलेशन की समस्या देखी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक रक्त परिसंचरण में गड़बड़ी की स्थिति में शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं, जिनपर अगर समय रहते ध्यान दे दिया जाए तो समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
ब्लड सर्कुलेशन के सामान्य लक्षण - फोटो : Pixabay
रक्त परिसंचरण में गड़बड़ी के कारण होने वाली दिक्कतें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आपके शरीर के जिन हिस्सों में रक्त का परिसंचरण गड़बड़ होता है उनमें दर्द, सुन्नता, झुनझुनी या ठंडा महसूस होता रह सकता है। पैरों, हाथों, उंगलियों में इससे संबंधित समस्याएं अधिक देखी जाती हैं। समय रहते इन समस्याओं पर अगर ध्यान न दिया जाए तो इससे अंगों के ऊतक खराब होने लगते हैं, जिससे त्वचा का रंग काला पड़ने और संक्रमण विकसित होने का जोखिम हो सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को इससे संबंधित लक्षणों पर ध्यान देते रहने का सलाह दी जाती है। 
विज्ञापन

3 of 5
ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ने से होने वाली समस्याएं - फोटो : Pixabay
चेहरे पर दिखने वाले ऐसे संकेतों को लेकर रहें सावधान

ब्लड सर्कुलेशन की समस्या के संकेत आप आसानी से अपने चेहरे पर महसूस कर सकते हैं। सामान्यतौर पर ऐसी स्थिति में चेहरे की रंगत खराब होने लगती है। चेहरे पर काले दाग दिखना, बार-बार मुंहासे होना, समय से पहले झुर्रियां दिखाई देना इसका सामान्य संकेत माना जाता है। ऐसे लक्षण कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं, ऐसे में समय रहते चिकित्सक से संपर्क करके स्थिति का सही निदान और उपचार करा लेना काफी आवश्यक हो जाता है।

4 of 5
रक्त संचरण बिगड़ने के लक्षणों को जानिए - फोटो : iStock
इन लक्षणों को लेकर भी रहें सर्तक

चेहरे के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगों पर भी खराब रक्त परिसंचरण के लक्षण आसानी से देखे जा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक चूंकि रक्त परिसंचरण में गड़बड़ी की समस्या किसी भी आयु वाले लोगों को हो सकती है, ऐसे में सभी लोगों को इसपर विशेष ध्यान देते रहना चाहिए। ऐसे लक्षणों को बिल्कुल अनदेखा न करें। 
  • चलते समय मांसपेशियों में चोट जैसा दर्द या कमजोरी महसूस होना।
  • त्वचा पर पिन और सुई के चुभन जैसा एहसास होना।
  • त्वचा का रंग पीला या नीला पड़ जाना ।
  • हाथ या पैर की उंगलियां का ठंडा पड़ जाना, सुन्न होना।
  • छाती में दर्द।
  • शरीर में सूजन बना रहना।
  • नसों में उभार बने रहना।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
स्वस्थ आहार के सेवन की जरूरत - फोटो : iStock
रक्त परिसंचरण की समस्या को कैसे ठीक किया जाता है?

ब्लड सर्कुलेशन की समस्या शरीर के किस अंग में है और कितनी गंभीर है इस आधार पर उपचार प्रक्रिया को प्रयोग में लाया जाता है। डॉक्टर सामान्यतौर पर दवा या जरूरत पड़ने पर सर्जरी कराने की सलाह दे सकते हैं। छाती में अवरुद्ध धमनियां खोलने के लिए सर्जरी (एंजियोप्लास्टी) की जरूरत हो सकती है। 

विशेषज्ञों के मुताबिक नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार की आदत के साथ, धूम्रपान से पहरेज करके और वजन कम रखकर ब्लड सर्कुलेशन की समस्याओं स बचाव किया जा सकता है। 



---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें