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फैक्ट चेक: मुर्गियों से भी ब्लैक फंगस संक्रमण फैलने का दावा, जानिए इसकी सच्चाई

Tue, 01 Jun 2021 06:10 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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क्या है ब्लैक फंगस और मुर्गियों का कनेक्शन - फोटो : PTI
देश में कोविड-19 महामारी के बीच पिछले दिनों म्यूकोरमाइकोसिस (जिसे ब्लैक फंगस के नाम से भी जाना जाता है) के मामलों में भी तेजी से इजाफा देखने को मिला है। देखते ही देखते इस फंगस संक्रमण ने भी कई राज्यों में महामारी का रूप ले लिया है। देश के विभिन्न हिस्सों से फंगल संक्रमण के अब तक 12 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, इसके चलते लोगों में दहशत का माहौल है। यह एक प्रकार का दुर्लभ कवक संक्रमण है, जिसे डॉक्टर कैंसर की तरह ही घातक मान रहे हैं। सरकार और स्वास्थ्य संगठन इस प्रकोप को रोकने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। कमजोर इम्यूनिटी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसका प्रमुख कारण मान रहे हैं।
इस बीच सोशल मीडिया पर ब्लैक फंगस के कारणों से जुडे कुछ पोस्ट वायरल हो रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि पोल्ट्री फार्म के चलते इस तरह के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं लोगों से कुछ दिनों तक चिकन न खाने की अपील भी की जा रही है। आइए इस लेख में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट की सच्चाई जानते हैं। 
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सोशल मीडिया पर वायरल खबर - फोटो : Social media
वायरल पोस्ट में क्या है?
सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्मों पर तेजी से वायरल हो रहे एक पोस्ट में कहा जा रहा है कि मुर्गियां भी ब्लैक फंगस संक्रमण की एक वजह हो सकती हैं। दावा किया जा रहा है कि ब्लैक फंगस, बर्ड फ्लू की तरह ही मुर्गीयों से फैलने वाला संक्रमण है। लोगों से अपील का जा रही है कि वह पोल्ट्री फार्म के आसपास न जाएं और न ही चिकन खाएं, इससे संक्रमण का खतरा हो सकता है। इतना ही नहीं पोस्ट में बताया जा रहा है कि कुछ राज्य की सरकारों ने ऐसे ही कुछ पोल्ट्री फार्म को चिन्हित करके उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
 
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भारत सरकार ने किया खबर का फैक्ट चेक - फोटो : social media
क्या वास्तव में मुर्गीयों से हो सकता है म्यूकोरमाइकोसिस ?
भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ट्वीट के माध्यम से इस वायरल खबर का खंडन करते हुए लोगों को जागरूक किया है। ट्वीट में बताया गया है कि इस तरह का दावा पूरी तरह से झूठा है, अब तक ऐसे कोई भी तथ्य सामने नहीं आए हैं जिनके आधार पर कहा जा सके कि मुर्गीयों के कारण इंसानों को ब्लैक फंगस संक्रमण होने का डर हो सकता है। 

 
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ब्लैक फंगस संक्रमण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social media
फिर कैसे फैल सकता है यह फंगल संक्रमण 
डॉक्टर बताते हैं कि सरल शब्दों ऐसे समझें- ब्लैक फंगस भोजन, चिकन या घर की किसी सतह के छूने से नहीं फैलता है। म्यूकोरमाइकोसिस का संक्रमण मुख्य रूप से उन लोगों को भी प्रभावित करता है जो पहले से ही गंभीर कोमोरबिडीटीज से पीड़ित हैं या नियमित रूप से इम्यूनो सप्रेसिव दवाओं (यह दवाएं शरीर की प्रतिरक्षा को दबा देती हैं) का सेवन करते हैं। म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण के कारण होने वाली मृत्युदर 50 फीसदी से अधिक है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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नोट: यह लेख केंद्र सरकार के के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा किए गए फैक्ट चेक ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।
 
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