फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bizarre Surgery: 'दांत से बनी आंख' ने लौटाई महिला की जिंदगी में रोशनी, मेडिकल साइंस ने किया दुनिया को हैरान

Mon, 18 Aug 2025 09:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कनाडा में डॉक्टरों ने एक अनोखी सर्जरी करके करीब एक दशक से अंधी महिला को नई रोशनी दी है। आंख में एक जटिल और विचित्र सर्जरी के जरिए डॉक्टरों ने उसका दांत लगा दिया, जिसकी मदद से अब महिला फिर से देख सकती है।
विज्ञापन
1 of 5
'टूथ-इन आई' सर्जरी से लौटी आंखों की रोशनी - फोटो : Freepik.com
मेडिकल साइंस ने हाल के दशकों में अभूतपूर्व तरक्की की है। नई दवाओं की खोज, आधुनिक चिकित्सा तकनीक ने कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों के उपचार को अब काफी आसान बना दिया है। कोरोनावायरस संक्रमण को तेजी से काबू करना, एचआईवी संक्रमण की नई और कारगर दवाएं हों या कैंसर का प्रभावी इलाज इसी का उदाहरण है। चिकित्सा विज्ञान कई बार ऐसे चमत्कारी काम कर जाता है जिसपर भरोसा करना भी कठिन होता है।

कनाडा में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों ने एक अनोखी सर्जरी करके करीब  एक दशक से अंधी महिला को नई रोशनी दी है। महिला ने अपने पति और कुत्ते को पहली बार तब देखा जब उसकी आंख में एक जटिल और विचित्र सर्जरी के जरिए डॉक्टरों ने उसका दांत लगा दिया।

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया की विक्टोरिया नामक महिला (75 वर्षीय) ने करीब दस साल पहले आंखों की रोशनी गवां दी थी। महिला को एक ऑटो-इम्यून बीमारी थी जिसके कारण उसकी कॉर्निया खराब हो गई थी। डॉक्टरों ने बताया कि बीमारी ने आंखों के सामने के लेंस को प्रभावित कर दिया था, जिसके कारण महिला को दिखना बंद हो गया था। हालांकि अब डॉक्टर्स ने 'टूथ-इन आई' सर्जरी की मदद से फिर से उसे दुनिया को देखने का मौका दे दिया है।
विज्ञापन

2 of 5
आंखों की दुर्लभ सर्जरी - फोटो : Freepik.com
आंखों की दुर्लभ सर्जरी से लौटी रोशनी

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉक्टरों ने ओस्टियो-ओडोन्टो केराटोप्रोस्थेसिस (ओओकेपी) नामक एक दुर्लभ सर्जरी करके चमत्कार कर दिया। 'टूथ-इन आई' सर्जरी के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने उसके दांत से बने बेस पर एक कृत्रिम कॉर्निया फिट करके आंखों के सॉकेट में प्रत्यारोपित किया।

इस सर्जरी के कुछ ही हफ्तों के भीतर महिला की देखने की क्षमता वापस आ गई। जैसे-जैसे सुधार होता गया, वह पहले की ही तरह से दोबारा अच्छी तरह से देखने लगी। 
विज्ञापन

3 of 5
आंखों की सर्जरी से लौटी रोशनी - फोटो : Freepik.com
कैसे की गई ये चमत्कारी सर्जरी?

स्थानीय कनाडा मीडिया में छपी रिपोर्ट में महिला ने बताया, मैं अब बहुत सारे रंग देख सकती हूं। पेड़, घास और फूलों को फिर से देख पाना एक अद्भुत एहसास है।

मेडिकल विशेषज्ञ बताते हैं, 'ओस्टियो-ओडोन्टो केराटोप्रोस्थेसिस एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग उन नेत्रहीन रोगियों की क्षतिग्रस्त कॉर्निया को बदलने के लिए किया जाता है, जिनके लिए कैडेवरिक कॉर्निया ट्रांसप्लांट (मृत अंगदाता से कॉर्निया प्राप्त करना) विकल्प नहीं होता है।

यह प्रक्रिया एक दांत निकालने से शुरू होती है जिसे लंबाई में काटा जाता है और फिर चिकनी प्लेट बनाने के लिए पॉलिश किया जाता है। फिर उसमें एक छेद करके ऑप्टिकल उपकरण (कृत्रिम कॉर्निया) डालने के लिए जगह बनाई जाती है और फिर उसे चिपका दिया जाता है।

इसके बाद, दांत से बने प्लेट और ऑप्टिकल उपकरण को तीन महीने के लिए गाल में  ट्रांसप्लांट किया जाता है, जहां से इसमें ऊतकों और रक्त वाहिका का निर्माण होना शुरू हो जाता है। डॉक्टर्स इसका नियमित रूप से परीक्षण करते रहते हैं। जब मेडिकल टीम सुनिश्चित हो जाती है तो इसे आंखों में सर्जरी करके फिट कर दिया जाता है।

4 of 5
ओस्टियो-ओडोन्टो केराटोप्रोस्थेसिस (ओओकेपी) सर्जरी - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

यह पहली बार है कि ये सर्जरी कनाडा में की गई है, हालांकि इससे पहले कई अन्य देशों में ये सर्जरी की जा चुकी है। देश में यह ऑपरेशन करने वाले पहले सर्जन, माउंट सेंट जोसेफ अस्पताल के डॉ. ग्रेग मोलोनी कहते हैं, यह एक जटिल और अजीब ऑपरेशन था, इसमें मूल रूप से कॉर्निया को बदलना होता है। इस नाजुक ऑपरेशन की सफलता की संभावना बढ़ाने के लिए दांत का इस्तेमाल किया गया।

डॉक्टर बताते हैं, हमें एक ऐसी संरचना चाहिए थी जो प्लास्टिक फोकसिंग टेलीस्कोप (कृत्रिम कॉर्निया) को थामे रखने के लिए पर्याप्त मजबूत हो, और ये शरीर द्वारा अस्वीकार न की जाए। इसके अलावा महिला को फिर से ऑटो इम्यून रोग के दुष्प्रभावों से भी बचाना था, जिसमें दांत से बना बेस अच्छा काम कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दुर्लभ सर्जरी ने लौटाई आंखों की रोशनी - फोटो : Freepik.com
मेडिकल का करिश्मा

विशेषज्ञ बताते हैं, इसे लगभग 40 साल पहले इटली में विकसित किया गया था। कृत्रिम कॉर्निया को सहारा देने के लिए मरीज के अपने दांत की जड़ और एल्वियोलर (जबड़े) की हड्डी का इस्तेमाल किया जाता है। कनाडा में ये सफल सर्जरी की गई है, इससे महिला को एक दशक के बाद दोबारा से देखने का मौका मिला है, ये काफी खुशी की बात है। आई डोनेशन न मिलपाने की स्थिति में ये अच्छा विकल्प हो सकता है।



-----------------------------
स्रोत
For the 1st time in Canada, surgeons put teeth in patients' eyes to restore sight


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें