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कोरोना वायरस से बचाने में कितनी कारगर होगी बीसीजी वैक्सीन? 20 हजार लोगों पर होगा ट्रायल

Sat, 10 Oct 2020 04:09 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Bcg vaccine - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस का संक्रमण देश और दुनिया में बढ़ता ही जा रहा है। दुनियाभर के लोगों को कोरोना की एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है, जो टीकाकरण के लिए जल्द से जल्द उपलब्ध हो सके। रूस और चीन ने कोरोना की वैक्सीन को मंजूरी दे दी है, जबकि भारत, अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों में भी जल्द ही वैक्सीन तैयार होने की संभावना है। इस बीच पहले से उपलब्ध बीसीजी वैक्सीन (BCG Vaccine) में भी कोरोना से बचाव की उम्मीद देखी जा रही है। वैज्ञानिक इस संभावना पर काम कर रहे हैं कि टीबी के प्रति सुरक्षा देने वाली यह वैक्सीन कोरोना वायरस से भी बचाव कर सके। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल ब्रिटेन के चिकित्सकों ने एक क्लिनिकल ट्रायल शुरू किया है, जिसमें कोरोना वायरस पर बीसीजी वैक्सीन की प्रभावकारिता जांची जाएगी। टीबी यानी ट्यूबरक्लोसिस से दी जाने वाली यह वैक्सीन कई देशों में सरकारी टीकाकरण अभियान का हिस्सा है। कोरोना महामारी से जारी जंग के बीच ब्रिटेन का यह ट्रायल अंतरराष्ट्रीय ब्रेस ट्रायल का हिस्सा है। इसके तहत कुल 20 हजार सहभागियों पर बीसीजी वैक्सीन का ट्रायल किया जाने वाला है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस ट्रायल के जरिए विशेषज्ञ ये पता लगाएंगे कि बीसीजी की वैक्सीन के इस्तेमाल से इंसान का इम्यून सिस्टम क्या कोरोना वायरस के प्रति सुरक्षा दे पाएगा। मालूम हो कि इस संबंध में पूर्व में भी कुछ अध्ययन हो चुके हैं। इन शोध अध्ययनों में ऐसे संकेत मिल चुके हैं कि बीसीजी की वैक्सीन से इंसानी शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, जो अन्य वायरल बीमारियों को रोकने में भी कारगर है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ बीसीजी वैक्सीन के प्रभाव का पता लगाने के लिए ब्रिटेन की एक्स्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता दो हजार स्वास्थ्यकर्मियों पर इसका ट्रायल कर रहे हैं। वहीं अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 20 हजार लोगों को इस ट्रायल में शामिल किया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
एक्स्टर यूनिवर्सिटी के प्रो. जॉन कैंपबेल के मुताबिक, अगर यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ कारगर साबित होती है तो यह बड़ी कामयाबी होगी। इससे पूरी दुनिया राहत की सांस लेगी। इस ट्रायल में हिस्सा लेने वाले सहभागियों पर वैक्सीन के प्रभाव की एक साल तक निगरानी की जाएगी। इस दौरान यह देखा जाएगा कि वे लोग कोरोना से संक्रमित होते हैं या नहीं।
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BCG Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
शोधकर्ता इस व्यापक ट्रायल में यह भी पता करेंगे कि अगर सहभागी लोग संक्रमित होते हैं तो क्या कम बीमार पड़ते हैं। खबरों के मुताबिक, ट्रायल के शुरुआती नतीजे छह से नौ महीने में आ सकते हैं। बता दें कि पूर्व में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा किए गए शोध को सेल जर्नल ने प्रकाशित किया था, जिसमें बुजुर्गों पर भी इसका अच्छा असर दिखा था। 
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