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दिल्ली-NCR में प्रदूषण के दौरान सुबह वॉक करने का सही समय क्या है? जानें कब निकलना है बेहतर

Tue, 27 Oct 2026 02:12 PM IST
श्रुति गौड़ हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Best time for walk in Delhi-NCR:  क्या खराब AQI में सुबह की सैर करना सुरक्षित है? जानें वॉक का सही समय, प्रदूषण से बचाव के उपाय और किन लोगों को बाहर एक्सरसाइज से बचना चाहिए।
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दिल्ली-NCR में प्रदूषण के दौरान सुबह वॉक करने का सही समय क्या है? - फोटो : AI
Best time for morning walk in Delhi-NCR: दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगती है। ऐसे में रोजाना सुबह वॉक करने वाले लोगों के मन में सवाल है कि क्या प्रदूषण के बीच सुबह की सैर करना सुरक्षित है? आमतौर पर सुबह की ताजी हवा में टहलना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन जब हवा में PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषकों की मात्रा बढ़ जाती है, तो यही आदत सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है। 

विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण के दौरान सुबह और देर शाम बाहर एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए, खासकर जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब या बहुत खराब श्रेणी में हो। ऐसे में वॉक के लिए सही समय कैसे चुनें, किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और घर के अंदर फिट रहने के लिए क्या विकल्प अपनाए जा सकते हैं? आइए जानते हैं।
 
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दिल्ली-NCR में प्रदूषण के दौरान सुबह वॉक करने का सही समय क्या है? - फोटो : AI

 दिल्ली-NCR में प्रदूषण के दौरान वॉक करने का सही समय क्या है?

दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने पर सुबह-सुबह वॉक करना हमेशा सुरक्षित नहीं होता। स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह के मुताबिक, जब AQI 200 से ऊपर यानी खराब से गंभीर श्रेणी में हो, तो सुबह और देर शाम बाहर टहलने या दौड़ने से बचना चाहिए। ऐसे दिनों में जरूरत पड़ने पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, स्थानीय AQI बेहतर होने पर ही बाहर निकलने पर विचार करें।

हालांकि, हर दिन और हर इलाके में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं रहता। इसलिए किसी निश्चित समय को हमेशा सुरक्षित मानने के बजाय बाहर निकलने से पहले अपने इलाके का AQI जरूर चेक करें।

 
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दिल्ली-NCR में प्रदूषण के दौरान सुबह वॉक करने का सही समय क्या है? - फोटो : AI
सुबह की वॉक कब नुकसानदायक हो सकती है?
  • जब AQI 201 या उससे ज्यादा हो।
  •  जब हवा में धुंध, धुआं या प्रदूषण का स्तर ज्यादा हो।
  • जब सड़क पर वाहनों की आवाजाही और धूल अधिक हो।
  •  जब वॉक करते समय खांसी, सांस फूलने या आंखों में जलन की समस्या हो।

खराब हवा में एक्सरसाइज करने से सांस तेज चलती है और शरीर में प्रदूषकों के पहुंचने की मात्रा बढ़ सकती है।

 

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दिल्ली-NCR में प्रदूषण के दौरान सुबह वॉक करने का सही समय क्या है? - फोटो : AI
AQI के हिसाब से कब करें वॉक?
  •  AQI 0–50 (अच्छा): सामान्य सावधानियों के साथ बाहर वॉक कर सकते हैं।
  •  AQI 51–100 (संतोषजनक): आमतौर पर बाहर टहलना ठीक है।
  • AQI 101–200 (मध्यम): संवेदनशील लोग सावधानी बरतें और स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों पर ध्यान दें।
  • AQI 201–300 (खराब): बाहर एक्सरसाइज करने से बचें, खासकर सुबह और देर शाम।
  • AQI 301–400 (बहुत खराब): बाहर वॉक करने के बजाय घर के अंदर एक्सरसाइज करें।
  • AQI 401–500 (गंभीर): बाहर की शारीरिक गतिविधियों से बचें और स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करें।

ये सामान्य दिशानिर्देश हैं। व्यक्तिगत जोखिम, स्थानीय परिस्थितियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार सावधानी बरतें।

 
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दिल्ली-NCR में प्रदूषण के दौरान सुबह वॉक करने का सही समय क्या है? - फोटो : AI
प्रदूषण के दौरान किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, COPD या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को प्रदूषण के दौरान बाहर निकलने से विशेष रूप से बचना चाहिए। AQI बहुत खराब होने पर इन लोगों के लिए घर के अंदर रहना और बाहरी एक्सरसाइज रोकना बेहतर है।

 
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दिल्ली-NCR में प्रदूषण के दौरान सुबह वॉक करने का सही समय क्या है? - फोटो : AI
 प्रदूषण में फिट रहने के लिए क्या करें?
  • घर के अंदर हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करें।
  •  बाहर निकलने से पहले AQI चेक करें।
  • व्यस्त सड़कों, निर्माण स्थलों और धूल वाले इलाकों से दूर रहें।
  •  बाहर जाना जरूरी हो तो सही फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें।
  •  सांस फूलने, सीने में दर्द या चक्कर आने पर गतिविधि रोककर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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