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Health Secret: हेल्दी रहना हो या फिर चाहिए लंबी उम्र, प्रोटीन नहीं ये न्यूट्रिएंट है असली गेमचेंजर

Fri, 16 Jan 2026 08:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर को भी डॉक्टर अच्छी सेहत का सबसे भरोसेमंद दोस्त मानते हैं, क्योंकि यह पाचन से लेकर दिल और शुगर कंट्रोल तक अहम भूमिका निभाता है। 
नियमित रूप से पर्याप्त फाइबर लेने वाले लोगों में कई गंभीर बीमारियां कम देखी जाती हैं।
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शरीर को स्वस्थ रखने के लिए डाइट प्लान - फोटो : Freepik.com
अच्छी सेहत और लंबी उम्र कैसे प्राप्त करें, ये दो सवाल अक्सर हम सभी के मन में रहते हैं। अगर आप भी शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं और 100 साल की उम्र चाहते हैं तो डॉक्टर इसके लिए दो सबसे आसान फॉर्मूला बताते हैं। वह है- लाइफस्टाइल में सुधार और हेल्दी डाइट।

कई अध्ययन इस बात को प्रमाणित कर चुके हैं कि अगर हम सभी सिर्फ अपनी डाइट को ही ठीक कर लें तो इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। असल में शरीर को सही तरीके से चलाने के लिए सिर्फ कैलोरी ही नहीं, बल्कि संतुलित पोषण की भी जरूरत होती है। पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, मिनरल और फाइबर ये सभी मिलकर शरीर की हर प्रणाली को बेहतर ढंग से संचालित करते हैं। 

अच्छी डाइट की बात होते ही अधिकतर लोगों के दिमाग में सबसे पहले प्रोटीन का ही ख्याल आता है। हालांकि डॉक्टर कहते हैं, सिर्फ प्रोटीन ही हमारे लिए काफी नहीं है। 100 साल तक जीने की इच्छा है तो आहार में फाइबर वाली चीजों की मात्रा भी बढ़ा दें।
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फाइबर वाली डाइट सेहत के लिए बहुत जरूरी - फोटो : Freepik.com
लंबी आयु पाने के लिए फाइबर वाली चीजें जरूर खाएं

फिजीशियन और लॉन्गविटी डॉक्टर वैसिली एलियोपोलोस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि कैसे डाइट में सुधार करके लंबी उम्र पाई जा सकती है? 

डॉ कहते हैं,  प्रोटीन से भरपूर आहार को लंबे समय से सेहत के लिए सबसे जरूरी बताया जा रहा है। प्रोटीन हमारे लिए निश्चित ही जरूरी है पर न्यूट्रिशन साइंस बदल रहा है और अब फाइबर नए हीरो के रूप में उभर रहा है।

हमारी डाइट में फाइबर वाली चीजें भी जरूर होनी चाहिए। ये सिर्फ पाचन को ही नहीं ठीक रखती है बल्कि कई ऐसी बीमारियों से आपको बचाए रख सकती है जो अक्सर समय से पहले मृत्यु का कारण बनती हैं।
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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं डॉक्टर?

डॉ. कहते हैं, जब लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ रखने और लंबी उम्र पाने की बात होती है तो फाइबर को सबसे जरूरी न्यूट्रिशियन कहा जा सकता है।

 

हर कोई प्रोटीन के पीछे भाग रहा है, लेकिन फाइबर असल में आपके लिए सबसे आवश्यक है। फाइबर शायद सबसे चर्चित और लंबी उम्र वाला न्यूट्रिएंट है जिसे हम सभी अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

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अच्छी सेहत का राज - फोटो : freepik
इंफ्लामेशन दूर कर बीमारियों से बचाता है फाइबर

डॉक्टर कहते हैं, गट हेल्थ और संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार के लिए फाइबर की हमें जरूरत होती है। असल में जो भोजन हम सभी पचा नहीं पाते हैं वो हमारे गट माइक्रोब्स खाते हैं। ये माइक्रोब्स फाइबर को पावरफुल कंपाउंड में बदलते हैं, जो शरीर की रक्षा करते हैं।

फाइबर हमारे शरीर में शॉर्ट-चेन फैटी एसिड में बदल जाता हैं, जो शरीर में नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी के रूप में काम करता है। इससे शरीर में इंफ्लामेशन कम होता है और बीमारियों से बचाव होता है। क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन को गंभीर बीमारियों का कारण माना जाता है।
  • फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग की आदत कम होती है। 
  • इसके अलावा यह बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम कम होता है।
  • एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना लगभग 25 से 35 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। 
  • साबुत अनाज, दालें, फल, हरी सब्जियां, बीज और नट्स फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं।
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डाइट में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
कुछ ही दिनों में दिखने लगता है असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, थाली में फाइबर वाली चीजों की मात्रा बढ़ाने के कुछ ही हफ्तों में लोग एनर्जी, बेहतर डाइजेशन और बेहतर फोकस महसूस करना शुरू कर देते हैं। प्रोटीन मसल्स बनाता है, लेकिन फाइबर आपको लंबी उम्र देता है और बीमारियों से बचाता है इसलिए फाइबर वाली चीजों को हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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