कैल्शियम का नाम आते ही सबसे पहले हड्डियों और दूध का ख्याल आता है। लेकिन शरीर में कैल्शियम का काम सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाना नहीं है। दांतों की मजबूती, मांसपेशियों के सही तरीके से काम करने और दिल की धड़कन को सामान्य रखने में भी इसकी अहम भूमिका होती है। इसलिए बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों, हर उम्र में शरीर को पर्याप्त कैल्शियम मिलना जरूरी है।
अगर खानपान में लंबे समय तक कैल्शियम की कमी रहती है तो इसका असर धीरे-धीरे हड्डियों पर दिखना शुरू हो सकता है। शरीर में कैल्शियम बहुत कम होने पर हाइपोकैल्सीमिया की स्थिति हो सकती है। इसमें मांसपेशियों में ऐंठन, हाथ-पैर सुन्न पड़ना, भ्रम जैसी दिक्कतें होती हैं और हड्डियों के टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। लंबे समय तक कमी रहने पर हड्डियां कमजोर होकर ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ा सकती हैं।
लेकिन यहां एक और जरूरी बात है, सिर्फ कैल्शियम वाली चीजें खाना ही काफी नहीं है। शरीर इसे ठीक से इस्तेमाल और अवशोषित कर सके, इसके लिए विटामिन-डी भी जरूरी है।