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Health Tips: फाइबर का उत्कृष्ट स्रोत हैं तिल के बीज, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर कम करने में इसके विशेष लाभ

Wed, 11 Jan 2023 07:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तिल के फायदे - फोटो : getty images
तिल के छोटे बीज, सेहत के लिए कई प्रकार से विशेष लाभकारी हो सकते हैं। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि तिल के सेवन से कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम किया जा सकता है। सेहत के साथ-साथ तिल का देश में सांस्कृतिक महत्व भी है। मकर संक्राति के पर्व पर तिल-गुड़ और खिचड़ी का दान किया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ, ठंड के इस मौसम में शरीर को अंदरूनी गर्मी प्रदान करने के लिए भी तिल के सेवन की सलाह देते हैं। यही कारण है कि तिल और गुड़ से बने लड्डू भी इस मौसम में खाने की परंपरा रही है। 

तिल के बीज के कई संभावित स्वास्थ्य लाभ हैं। इसे हजारों वर्षों से लोक चिकित्सा में भी उपयोग किया जाता रहा है। हृदय रोग, मधुमेह और गठिया जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने के साथ तिल को पाचन स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभकारी पाया गया है। आइए इसके सेवन से होने वाले फायदों के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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तिल फाइबर से भरपूर - फोटो : iStock
फाइबर की मात्रा पाचन के लिए लाभकारी

तिल को फाइबर का उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है। तीन बड़े चम्मच (30 ग्राम) तिल से करीब 3.5 ग्राम फाइबर प्राप्त किया जा सकता है। तिल के बीज के नियमित रूप से सेवन से शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ती है, जिसे पाचन स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभकारी पाया गया है। फाइबर आपको हृदय रोग, कुछ प्रकार के कैंसर, मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम से बचाने में भी विशेष लाभकारी माना जाता है। 
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कोलेस्ट्रॉल की समस्या कैसे कम करें - फोटो : istock
कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स में फायेदमंद
 
अध्ययनों से पता चलता है कि नियमित रूप से तिल खाने से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। ये हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारक हैं। तिल के बीज में 15% सेचुरेटेड फैट, 41% पॉलीअनसेचुरेटेड वसा और 39% मोनोअनसैचुरेटेड फैट पाया जाता है। अध्ययन बताते हैं कि पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट वाली चीजों के अधिक सेवन से कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोगों से बचाव किया जा सकता है।

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डायबिटीज में तिल के सेवन के लाभ - फोटो : istock
डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है तिल

ब्लड शुगर की समस्या को कम करके, डायबिटीज की अन्य जटिलताओं से बचाने में भी तिल का सेवन करना लाभकारी पाया गया है। तिल के बीज में कार्ब्स की मात्रा कम होती है और इसे प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरपूर पाया गया है, जो डायबिटीज में फायदेमंद हो सकता है। इसके अतिरिक्त, अध्ययन के अनुसार इन बीजों में पिनोरेसिनॉल नामक एक यौगिक होता है जो पाचन एंजाइम माल्टेस की क्रिया को बाधित करके रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है।
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तिल के तेल का करें सेवन - फोटो : iStock
बेहतर इम्युनिटी में सहायक है तिल

तिल के बीज प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसमें जिंक, सेलेनियम, कॉपर, आयरन, विटामिन-बी 6 और विटामिन ई की मात्रा होती है। ये पोषक तत्व इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में लाभकारी माने जाते हैं। इसमें मौजूद जिंक, सफेद रक्त कोशिकाओं में वृद्धि करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने में सहायक है। प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होने से संक्रामक रोगों से बचाव करना आसान होता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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