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Intermittent Fasting: भूखे रहने से वजन कम होगा या सेहत बिगड़ेगी? यहां समझें क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग

Tue, 16 Jun 2026 03:07 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Benefits Of Intermittent Fasting: ये नाम आपने अक्सर सुना होगा। अगर नहीं, तो इस लेख को आखिर तक पढ़ें। हम आपको बताएंगे कि इसके फायदे और नुकसान क्या हैं?
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इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है? - फोटो : AI
Benefits Of Intermittent Fasting: इंटरमिटेंट फास्टिंग आज के समय में फिटनेस और वेट लॉस की दुनिया में एक बेहद लोकप्रिय ट्रेंड बन चुका है। आपने इसका नाम अक्सर सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह वास्तव में कैसे काम करता है और इसके फायदे और नुकसान क्या हैं? 

दरअसल, इंटरमिटेंट फास्टिंग कोई डाइट नहीं बल्कि खाने का एक पैटर्न है, जिसमें व्यक्ति कुछ समय तक फास्ट करता है और फिर एक निश्चित समय विंडो में भोजन करता है। यह तरीका शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने, वजन कम करने और ओवरऑल हेल्थ सुधारने में मदद कर सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए यह जरूरी नहीं कि समान रूप से फायदेमंद हो। 

गलत तरीके से इसे अपनाने पर कमजोरी, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में इसका सही तरीका जानना बेहद जरूरी है। आइए विस्तार से समझते हैं इसके फायदे, नुकसान और सही तरीका।

 
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इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है? - फोटो : AI
पहले जान लें इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे और नुकसान


फायदे
  • वजन कम करने में मदद करता है
  • मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है
  • इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधार सकता है
  • शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करता है
  • एनर्जी लेवल और फोकस बढ़ा सकता है

नुकसान
 
  • शुरुआत में कमजोरी और थकान हो सकती है
  •  सिरदर्द और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है
  •  लंबे समय तक भूखा रहने से ओवरईटिंग का खतरा
  • हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं

 
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इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है? - फोटो : Freepik.com
इंटरमिटेंट फास्टिंग का सही तरीका 

इंटरमिटेंट फास्टिंग को सही तरीके से अपनाना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत तरीके से इसे करने पर शरीर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। यह केवल खाने-पीने का पैटर्न नहीं है, बल्कि एक लाइफस्टाइल बदलाव है, जिसे धीरे-धीरे अपनाना चाहिए।

1. 16:8 या 14:10 पैटर्न से शुरुआत करें

इंटरमिटेंट फास्टिंग में सबसे लोकप्रिय तरीका 16:8 पैटर्न है, जिसमें आप 16 घंटे उपवास रखते हैं और 8 घंटे की विंडो में भोजन करते हैं। शुरुआती लोग 14:10 पैटर्न से शुरू कर सकते हैं, ताकि शरीर धीरे-धीरे इस बदलाव के लिए एडजस्ट हो सके। अचानक लंबा फास्ट रखने से कमजोरी, चक्कर और थकान हो सकती है, इसलिए धीरे-धीरे समय बढ़ाना बेहतर माना जाता है।

 

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इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है? - फोटो : AI
2. फास्टिंग के दौरान पानी और हर्बल टी लें

फास्टिंग के समय शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो। इसके अलावा बिना चीनी वाली हर्बल टी या ब्लैक कॉफी ली जा सकती है, जो भूख को नियंत्रित करने में मदद करती है और मेटाबॉलिज्म को एक्टिव रखती है।

 
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इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है? - फोटो : अमर उजाला
3. जंक फूड से बचें

फास्टिंग के बाद जो खाना आप खाते हैं, वही आपके शरीर पर सबसे ज्यादा असर डालता है। अगर आप जंक फूड, तली-भुनी चीजें या ज्यादा शुगर वाली डाइट लेते हैं, तो इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे कम हो सकते हैं। इसलिए हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लेना जरूरी है।
 
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इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है? - फोटो : Adobe Stock

4. संतुलित और पोषक आहार लें

फास्टिंग विंडो में ऐसा भोजन लेना चाहिए जिसमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स और जरूरी विटामिन्स शामिल हों। हरी सब्जियां, फल, दालें, नट्स और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और कमजोरी महसूस नहीं होती।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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