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Bedsores: किन गलतियों की वजह से बढ़ जाता है बेड सोर का खतरा? जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

Sat, 30 Aug 2025 02:55 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बेड सोर एक गंभीर समस्या है जो आमतौर पर उन लोगों को होती है जिनकी गतिशीलता सीमित होती है या जो किसी बीमारी के कारण लंबे समय तक बिस्तर पर रहते हैं। अगर इस स्थिति पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकती है। आइए इस लेख में इस बारे में सब कुछ विस्तार से जानते हैं।
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बेड सोर - फोटो : Adobe Stock
Bedsores Symptoms: बेड सोर, जिन्हें प्रेशर सोर या डेक्यूबिटस अल्सर भी कहते हैं, एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो उन लोगों को होती है जिन्हें लंबे समय तक एक ही स्थिति में लेटे या बैठे रहना पड़ता है। यह आमतौर पर रीढ़ की हड्डी, कूल्हों, एड़ी और कोहनी जैसे हड्डी वाले हिस्सों पर विकसित होता है। यह समस्या तब होता है जब त्वचा पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और त्वचा के ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। 

अगर इसे समय रहते न पहचाना जाए तो यह संक्रमण और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। बेड सोर को रोकना, इसका इलाज करने से कहीं ज्यादा आसान है। सामान्य तौर पर इसकी मुख्य वजहें हमारी देखभाल में कुछ गलतियां होती हैं, जिन्हें समझना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसके लक्षणों, कारणों और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।  
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बेड सोर - फोटो : Adobe Stock
बेड सोर होने के प्रमुख कारण
बेड सोर का सबसे बड़ा कारण लंबे समय तक एक ही स्थिति में लेटे या बैठे रहना है। जो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, या जो बुजुर्ग चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उन्हें नियमित रूप से अपनी स्थिति बदलनी चाहिए। एक ही जगह पर लगातार दबाव पड़ने से त्वचा पर रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे वहां की कोशिकाएं मर जाती हैं और घाव बन जाता है।

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बेड सोर - फोटो : Adobe Stock
नमी और अस्वच्छता
पसीना पेशाब या अन्य तरल पदार्थों के कारण त्वचा पर लगातार नमी बने रहना भी बेड सोर का कारण बन सकता है। नमी त्वचा को नरम और कमजोर बनाती है, जिससे उस पर घाव होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में रोगी की साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। त्वचा को हमेशा सूखा और साफ रखना चाहिए।

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बेड सोर - फोटो : Adobe Stock
बेड सोर के शुरुआती लक्षण
बेड सोर के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है। इनमें सबसे पहले त्वचा पर लालिमा, सूजन या जलन महसूस होना शामिल है। यह जगह छूने पर गर्म लग सकती है। अगर ध्यान न दिया जाए तो यह लालिमा बाद में छाले, फिर एक गहरे घाव में बदल सकती है। यह घाव दर्दनाक होता है और इससे पस भी निकल सकता है।
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अस्पताल - फोटो : Freepik.com
बचाव और उपचार के उपाय
बेड सोर से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि नियमित रूप से रोगी की स्थिति बदलें। हर दो घंटे में रोगी को करवट दिलानी चाहिए। इसके साथ ही हवादार और नरम गद्दों का उपयोग करें और सुनिश्चित करें कि त्वचा हमेशा सूखी और साफ रहे। अपने आहार में प्रोटीन और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। अगर आपको कोई भी शुरुआती लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

स्रोत और संदर्भ
Bedsores (pressure ulcers)

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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