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Health Alert: लाइफस्टाइल की ये गड़बड़ आदतें बढ़ा रही हैं फैटी लिवर रोग का खतरा, आप भी हो जाइए सावधान

Mon, 26 Aug 2024 11:05 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लिवर में फैट बनने की समस्या - फोटो : istock
लिवर से संबंधित कई तरह की बीमारियां वैश्विक स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम रही हैं। लिवर में फैट बनने यानी फैटी लिवर की समस्या का खतरा कम उम्र के लोगों में भी देखा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ जीतेंद्र सिंह ने एक कार्यक्रम में बताया कि देश में हर तीसरे व्यक्ति को फैटी लिवर डिजीज हो सकती है। सभी लोगों को लिवर की बढ़ती इस बीमारी को लेकर सावधानी बरतना और बचाव के लिए उपाय करते रहना जरूरी है। 

लिवर में फैट जमने का खतरा उन लोगों में भी देखा जाता रहा है जो शराब नहीं पीते हैं। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि इसके लिए लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी एक कारण हो सकती है। वजन अधिक होना, शुगर कंट्रोल में न रहना भी इस रोग का एक बड़ा मानी जाती हैं।

आइए जानते हैं कि दिनचर्या की किन आदतों के कारण आप फैटी लिवर रोग के शिकार हो सकते हैं?
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फैटी लिवर का जोखिम - फोटो : istock
लिवर में फैट बनने के क्या कारण हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई कारण हैं जो लिवर में फैट की मात्रा बढ़ाने वाले हो सकते हैं। हाई कैलोरी वाली चीजें खाने से जोखिम बढ़ सकती है। जब हमारा लिवर, फैट वाली चीजों को सामान्य रूप से संसाधित और विघटित नहीं कर पाता है तो इसके कारण फैट जमने का खतरा हो सकता है। मोटापा, मधुमेह या हाई ट्राइग्लिसराइड्स जैसी कुछ अन्य स्थितियों से पीड़ित लोगों में भी फैटी लिवर विकसित होने की आशंका अधिक होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फैटी लिवर की दिक्कत से बचे रहने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव किए जाने आवश्यक हैं। 
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शराब पीने से लिवर की समस्या - फोटो : istock
शराब का सेवन नुकसानदायक

लिवर के लिए जिन चीजों को सबसे हानिकारक माना जाता है, शराब पीने की आदत उसमें प्रमुख है। अत्यधिक शराब के सेवन से न सिर्फ फैटी लिवर की समस्या होती है बल्कि इससे लिवर फेलियर तक का भी जोखिम रहता है। फैटी लीवर रोग से पीड़ित लोगों को शराब का सेवन बिल्कुल न करने की सलाह दी जाती है।

हालांकि शराब न पीने वालों में भी फैटी लिवर की समस्या होने का खतरा रहता है। इसलिए लाइफस्टाइल में सुधार करना भी आवश्यक है। 

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ज्यादा चीनी खाना नुकसानदायक - फोटो : istock
कम कर दें चीनी का सेवन

अध्ययनकर्ताओं ने बताया, फैटी लिवर रोग विशेष रूप से नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) के लिए अधिक मात्रा में चीनी के सेवन को जिम्मेदार माना जाता है। ये आदत ब्लड शुगर के स्तर को काफी बढ़ा देती है जिससे लिवर में वसा की मात्रा बढ़ने लगती है। कैंडी, आइसक्रीम और मीठे पेय भी आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ज्यादा चीनी का सेवन करते हैं तो सावधान हो जाइए। 
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सेंडेंटरी लाइफस्टाइल की समस्या - फोटो : istock
शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना खतरनाक

नियमित व्यायाम सभी के लिए महत्वपूर्ण है। व्यायाम की कमी फैटी लिवर रोग के खतरे को तो बढ़ाती ही है साथ ही इससे शारीरिक और मानसिक कई प्रकार की समस्याओं का खतरा भी हो सकता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से न सिर्फ फैटी लिवर के प्रबंधन में मदद मिलती है साथ ही जिन लोगों को ये समस्या नहीं है उनमें ये जोखिमों को भी कम करती है। एनएएफएलडी की समस्या वाले लोगों को सप्ताह में कम से कम 150-300 मिनट के मध्यम एरोबिक व्यायाम करने की सलाह दी जाती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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