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आज का हेल्थ टिप्स: दैनिक जीवन की ये सामान्य सी आदतें भी बढ़ा सकती हैं शुगर लेवल, ज्यादातर लोग करते हैं ऐसी गलतियां

Thu, 14 Apr 2022 10:25 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : Pixabay
डायबिटीज, आधुनिक समय की सबसे तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। विशेषकर भारत में पिछले एक दशक में डायबिटीज रोगियों के मामलों में तेजी से उछाल देखा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह सच है कि आपकी उम्र या मधुमेह का पारिवारिक इतिहास, आपमें रोग के विकास की आशंका को बढ़ा सकता है, इसके साथ ही आपको लाइफस्टाइल का भी विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। हम क्या खाते हैं, किस तरह की जीवनशैली जी रहे हैं, इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। आपको आश्चर्य हो सकता है कि दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आदतें भी ब्लड शुगर को बढ़ाने का कारण बन सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हम सभी रोजाना जाने-अनजाने कई ऐसी चीजें करते रहते हैं, जो डायबिटीज के खतरे को कई गुना तक बढ़ावा दे सकती हैं। जिन लोगों में पहले से ही डायबिटीज का निदान हो चुका है, उनको विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। आइए जानते हैं कि दैनिक जीवन की किन आदतों के चलते लोगों में डायबिटीज की जटिलताएं बढ़ सकती हैं, इनपर विशेष ध्यान देते रहने की जरूरत है।
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सुबह पौष्टिक नाश्ता जरूर करें - फोटो : iStock
सुबह का नाश्ता न करने की आदत
अगर आपको डायबिटीज की समस्या है तो आहार की गुणवत्ता और समय, दोनों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। ऐसे रोगियों को ज्यादा समय तक खाली पेट न रहने की सलाह दी जाती है। ऐसे में डायबिटीज की समस्या वाले लोगों के लिए सुबह का नाश्ता बहुत अहम होता है।  द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययनों की समीक्षा के निष्कर्ष से पता चलता है कि जो लोग नाश्ता नहीं करते हैं, उनमें मधुमेह होने का अधिक खतरा होता है। रात के करीब 8-10 घंटे के बाद सुबह भी कुछ न खाने से ब्लड शुगर का लेवल बढ़ सकता है। 
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रिफाइंड कार्ब्स के नुकसान - फोटो : Pixabay
व्हाइट ब्रेड जैसे रिफाइंड कार्ब्स
रिफाइंड कार्ब्स तेजी से ब्लड शुगर को बढ़ा देते हैं, ऐसे में इनका सेवन आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। इसमें भी अक्सर व्हाइट ब्रेड का सेवन आपकी मुश्किलों को कई गुना तक बढ़ा सकता है। रिफाइंड कार्ब्स वाली चीजों का अधिक सेवन करना आपके ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है। यदि नाश्ते में आपकी भी अक्सर व्हाइट ब्रेड वाली चीजों को खाने की आदत है तो इसमें तुरंत बदलाव कर लें। 

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शारीरिक निष्क्रियता है हानिकारक - फोटो : istock
लगातार बैठे रहना है खतरनाक
डायबिटीज रोगियों के लिए शारीरिक सक्रियता का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है, ऐसे में कंप्यूटर के सामने लगातार बैठे रहने की आदत आपके लिए बड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। 475, 000 से अधिक लोगों पर किए गए साल 2021 के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि गतिहीन जीवनशैली वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम 31 प्रतिशत अधिक होता है। 
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अकेलेपन का सेहत पर असर - फोटो : Pixabay
अकेलापन भी है घातक
पिछले कुछ समय से लोगों में कई कारणों से अकेलेपन की समस्या बढ़ती देखी गई है, इसे सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि डायबिटीज की समस्या के लिए भी हानिकारक माना जाता है। महामारी में लगभग एक वर्ष के बाद, अमेरिकी जनगणना ब्यूरो द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि 42 प्रतिशत से अधिक लोगों में चिंता या अवसाद के मामले काफी बढ़ गए हैं। शोध से पता चलता है कि लंबे समय तक अकेलापन भी टाइप-2 डायबिटीज के जोखिमों को बढ़ा सकता है। डायबेटोलोजिया जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने पाया कि अकेले रहने या लोगों से कम मतलब रखने वाले लोगों में टाइप-2 मधमेह के विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है। 


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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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