छोटे बच्चों का रात में बार-बार जागना माता-पिता के लिए काफी चुनौतीपूर्ण और थकान भरा होता है। इसी विषय पर बच्चों की डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि अक्सर 2-3 साल तक के बच्चे नींद में बाधा महसूस करते हैं, ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकता है जिसमें एक बड़ा कारण उनके शरीर के सर्केडियन रिदम का बिगड़ना होता है।
उन्होंने ये भी बताया कि जब बच्चे के सोने का कोई निश्चित समय नहीं होता है, तो शरीर में नींद के लिए जिम्मेदार मेलेटॉनिन हार्मोन सही तरीके से रिलीज नहीं होता है। साथ ही बच्चा जितना देर तक जागता है, शरीर में कोर्टिसोल यानी तनाव हार्मोन बढ़ने लगता है, जिससे उसकी नींद बार-बार टूटने लगती है। डॉक्टर के अनुसार, बच्चे को रात 8 से 9 बजे के बीच सुला देना सबसे अच्छा समय है। अगर आप भी अपने बच्चे की नींद की समस्या से परेशान हैं, तो सर्केडियन रिदम को नेचुरल रूप से ठीक करने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनाकर बच्चे की बार-बार जागने की समस्या को कम कर सकते हैं।