कोरोना संकट से लगातार बचाव की आवश्यकता
- फोटो : istock
कितना गंभीर हो सकता है BA.5.1.7 वैरिएंट?
मीडिया रिपोर्टस में वैज्ञानिकों ने बताया कि कोरोना के जिस BA.5.1.7 वैरिएंट के कारण चीन में हालात बिगड़ते हुए देखे जा रहे हैं, वह काफी अधिक संक्रामकता दर वाला पाया गया है। प्रारंभिक शोध बताते हैं कि अब तक के अन्य वैरिएंट्स की तुलना में इसमें हुए म्यूटेशन, आसानी से प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देकर संक्रमण का कारण बनते हुए देखे जा रहे हैं। इस वैरिएंट के बारे में विस्तार से समझने के लिए अध्ययन किया जा रहा है, फिलहाल इसके संक्रमण को लेकर लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
कोरोना के बढ़ते नए वैरिएंट्स के खतरे को लेकर वैज्ञानिकों ने लोगों को अलर्ट रहते हुए सावधानी बरतते रहने की अपील की है। शोधकर्ताओं का कहना है कि फिलहाल राहत की बात यह है कि ये नए वैरिएंट्स गंभीर रोग का कारण बनते हुए नहीं देखे जा रहे हैं। इसमें वैक्सीनेशन का बड़ा योगदान माना जा रहा है। सर्दी के मौसम में कोरोना संकट से बचे रहने के लिए सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।