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Auto-Brewery Syndrome: इस रोग में शरीर में ही बनने लगता है अल्कोहल, लक्षण ऐसे जैसे हो शराब का नशा

Fri, 26 Apr 2024 09:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ड्रिंक एंड ड्राइव - फोटो : istock
अल्कोहल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। इससे मेटाबॉलिज्म से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। पर क्या हो अगर किसी के शरीर में खुद से ही अल्कोहल बनने लग जाए? हाल ही में बेल्जियम में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें व्यक्ति में दुर्लभ ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम (एबीएस) का निदान किया है। इस विकार के कारण शरीर शुगर और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों को अल्कोहल में बदलने लगता है। इससे ऐसे लक्षण पैदा हो सकते हैं जैसे कि आप नशे में हों, भले ही आपने शराब न पी हो।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले पुलिस ने इस व्यक्ति को ड्रिंक एंड ड्राइव केस में गिरफ्तार किया। हालांकि वकील ने कोर्ट में बताया कि उसे एबीएस की समस्या है जिस कारण से उसमें नशे जैसे लक्षण दिख रहे थे। ये मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।

आइए जानते हैं कि ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम क्या होता है और इसके लिए कौन से कारण जिम्मेदार हैं?
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हैंगओवर की समस्या - फोटो : istock
ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम के बारे में जानिए

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम एक दुर्लभ स्थिति है। इसे कभी-कभी "ड्रंकनेस डिजीज" के रूप में भी जाना जाता है। यह दुर्लभ स्थिति आपको बिना शराब पिए नशे में धुत्त बना देती है। ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम का निदान करना अक्सर मुश्किल हो सकता है। पिछले कई दशकों में इस सिंड्रोम के केवल कुछ ही मामले सामने आए हैं। जिन लोगों को पहले से ही ये समस्या है और अगर वो थोड़ी मात्रा में भी शराब पी लेते हैं तो इसके लक्षण कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
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आंतों में ईस्ट का संक्रमण - फोटो : istock
क्या है इस सिंड्रोम का कारण?

ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम में आपका शरीर, कार्बोहाइड्रेट से अल्कोहल (इथेनॉल) बनाने लगता है। यह आंतों के अंदर होता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आंत में बहुत अधिक यीस्ट होने के कारण इस विकार का खतरा हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया वयस्कों या बच्चों, किसी में भी ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ लोग जन्मजात ऐसी समस्याओं के साथ पैदा होते हैं जो इस सिंड्रोम को ट्रिगर करती है। वयस्कों में आंत में बहुत अधिक यीस्ट के कारण क्रोहन डिजीज हो सकता है जिसके कारण भी ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम की समस्या ट्रिगर हो सकती है।
 

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ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम का निदान - फोटो : istock
क्या है इस समस्या की पहचान?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ प्रकार के लक्षणों की मदद से ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम का पता किया जा सकता है हालांकि अक्सर इन रोगियों में ऐसा लगता है कि उन्होंने शराब पी हुई है इसलिए लक्षणों के आधार पर इसका सही निदान करना कठिन हो सकता है।

आमतौर इसमें नशे की तरह लक्षण दिखने के साथ-साथ चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी-निर्जलीकरण, थकान, याददाश्त-एकाग्रता की कमी और मनोदशा में बदलाव महसूस हो सकती है। 
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डॉक्टर की सलाह जरूरी - फोटो : istock
क्या है इसका इलाज?

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑटो ब्रूअरी सिंड्रोम का पता लगाने के लिए कोई विशिष्ट टेस्ट नहीं है। इसके निदान के लिए डॉक्टर आंतों में ईस्ट की जांच की भी सलाह दे सकते हैं। जिन लोगों में इस सिंड्रोम का निदान किया जाता है उन्हें कोर्बोहाइड्रेट वाले ड्रिंक्स से परहेज करने की सलाह दी जाती है। कुछ प्रकार के एंटीफंगल दवाओं की मदद से भी बीमारी के लक्षणों को सुधारने में मदद मिल सकती है।

वैसे तो ये सिंड्रोम काफी दुर्लभ है पर कुछ स्थितियों में इसके कारण गंभीर और जानलेवा समस्याओं के विकसित होने का भी खतरा हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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