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जानना जरूरी: लंबे समय तक बनी रहने वाली नींद की समस्याएं हो सकती हैं जानलेवा, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट

Sat, 11 Jun 2022 07:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नींद न आने की समस्या को हल्के में न लें - फोटो : iStock
स्वस्थ शरीर और मन के लिए सभी लोगों को रोजाना रात में 6-8 घंटे की नींद पूरी करने की सलाह दी जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है, उनमें समय के साथ कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं के विकसित होने का जोखिम हो सकता है। सिर्फ एक रात नींद पूरी न हो पाने के कारण भी थकान-कमजोरी, चिड़चिड़ापन, तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं अगर ये दिक्कतें लंबे समय तक बनी रहती हैं तो इसके कारण गंभीर समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं, इसमें से कई के जानलेवा होने का भी खतरा हो सकता है।

विशेषज्ञ कहते हैं, नींद विकार सीधे तौर पर जानलेवा समस्याओं का कारण तो नहीं बनती हैं, हालांकि इसके कारण उत्पन्न कई स्थितियां जरूर आपकी परेशानी को बढ़ा सकती हैं। नींद विकारों के शिकार लोगों में मोटापा होने का खतरा अधिक होता है, जिसे कई प्रकार के जानलेवा रोगों जैसे हृदय रोग, कैंसर और टाइप-2 डायबिटीज की समस्या बढ़ाने वाला माना जाता है। आइए अनिद्रा के कारण होने वाली गंभीर समस्याओं के बारे में जानते हैं।
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नींद न आने से बढ़ सकती है हृदय रोगों की दिक्कत - फोटो : iStock
नींद विकार और मोटापा

अध्ययनों से पता चलता है कि नींद की कमी, शरीर में हार्मोनल असंतुलन का कारण बनती है जिसके कारण अधिक खाने की इच्छा हो सकती है, जो  वजन बढ़ने का कारण बनती है। नींद पूरी न कर पाने वाले लोगों में लेप्टिन और घ्रेलिन जैसे हार्मोंन्स का असंतुलन हो सकता है। ये आपमें भूख की भावना को बढ़ा देते हैं। नींद की कमी के कारण ग्रोथ हार्मोन में कमी और कोर्टिसोल के बढ़ने का खतरा भी देखा जाता है, ये दोनों मोटापे के जोखिम को बढ़ा देते हैं।
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नींद की कमी और मोटापे का जोखिम - फोटो : iStock
नींद विकार के जानलेवा दुष्प्रभाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो नींद विकार सीधे तौर पर जानलेवा दुष्प्रभावों वाले नहीं माने जाते हैं, हालांकि लंबे समय तक बनी रहने वाली यह समस्या कई ऐसे रोगों के खतरे को बढ़ा देती है जिसके कारण समय से पहले मृत्यु का खतरा हो सकता है।

नींद विकार वाले लोगों में मोटापा का खतरा सबसे अधिक होता है। मोटापा या अधिक वजन की स्थिति हृदय रोगों का जोखिम कारक है, जिसे दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारक के रूप में जाना जाता है।

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नींद की समस्या - फोटो : istock
नींद की कमी के अन्य दुष्प्रभाव

मोटापा और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के अलावा नींद की कमी कई और प्रकार की समस्याओं को बढ़ावा दे सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि जिनकी नींद लगातार पूरी नहीं हो पाती है उनमें इस तरह के जोखिमों का खतरा बढ़ जाता है।
  • उच्च रक्तचाप
  • दिल की धड़कन का रुकना (हार्ट फेलियर)
  • अनियमित रूप से दिल का धड़कना।
  • धमनी के रोग।
  • टाइप-2 डायबिटीज।
  • मूड विकार, डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन। 
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अच्छी नींद लेने के प्रयास करें - फोटो : iStock
नींद विकारों से बचाव

नींद विकारों से बचाव के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। यह समस्या किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है, इसलिए सभी लोगों को इस बारे में सावधानी बरतनी चाहिए।
  • हर रात एक ही समय पर सोने की कोशिश करें।
  • कोशिश करें कि दिन में नींद न लें इससे आपकी रात की नींद प्रभावित हो सकती है।
  • कैफीन, निकोटीन और शराब आदि से बचें।
  • नियमित व्यायाम की आदत बनाएं, इससे लाभ मिलता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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