फेफड़ों में संक्रमण को न लें हल्के में
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बुजुर्गों में क्यों होता है ज्यादा खतरा ?
डॉक्टर बताते हैं, सीने का इन्फेक्शन वैसे तो किसी को भी हो सकता है, लेकिन बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है और गंभीर भी हो सकती है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी कम होती जाती है। कोमोरबिडिटी जैसी स्थितियों में तो संक्रमण ठीक होने में और भी ज्यादा समय लग सकता है। बुजुर्गों में चेस्ट इंफेक्शन के मुख्य कारणों को जान लीजिए।
- उम्र बढ़ने के साथ इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे इन्फेक्शन से लड़ना मुश्किल हो जाता है।
- क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), हार्ट की समस्या या डायबिटीज जैसी बीमारियां सीने में संक्रमण के खतरे और गंभीरता को बढ़ा सकती हैं।
- उम्र बढ़ने के साथ शारीर के कम सक्रिय रहने से फेफड़ों के काम करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
- पोषण और पानी की कमी के कारण छाती से संबंधित दिक्कतों का खतरा और भी बढ़ जाता है।
ऑर्गन फेलियर का हो सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बुजुर्गों में सीने का संक्रमण अगर बढ़ जाए तो इससे ऑर्गन फेलियर तक का खतरा हो सकता है। संक्रमण बढ़ने की स्थिति में बैक्टीरिया फेफड़ों से खून में भी प्रवेश कर जाते हैं। इससे संक्रमण के अन्य अंगों में फैलने का भी खतरा बढ़ जाता है। समय रहते अगर इसे कंट्रोल न किया जाए तो इससे कई अंगों के काम करना बंद करने (ऑर्गन फेलियर) का खतरा भी बढ़ जाता है, जो मौत का भी कारण बन सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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