हृदय रोग-हार्ट अटैक हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत का कारण बन रहा है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले साल 2023 में, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों (सीवीडी) की वजह से दुनिया भर में लगभग 19.2 मिलियन (1.92 करोड़) लोगों की मौत हो गई, इसमें इस्केमिक हार्ट डिजीज के कारण 24 करोड़ लोग प्रभावित हुए। भारतीय आबादी में भी हृदय रोगों की समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चिंता जताते रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भारत में स्थिति और भी चिंताजनक है, यहां तेजी से बदलती जीवनशैली, तनाव, गड़बड़ खानपान, मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसे कारक हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई मामलों में हार्ट अटैक अचानक होता है और मरीज को पहले से कोई स्पष्ट चेतावनी नहीं मिलती।
अच्छी खबर ये है कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ऐसे मामलों में नई उम्मीद बनकर उभर रहा है। हार्ट अटैक के जोखिमों का पहले से अनुमान लगाने में एआई को मददगार माना जा रहा है।