'मन की बेचैनी' अब सिर्फ बड़ों की बात नहीं रही है, मौजूदा समय में बच्चे और युवा भी स्ट्रेस-एंग्जाइटी की मार झेल रहे हैं। स्ट्रेस-एंग्जाइटी जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं काफी आम हो गई हैं। आज की तेज रफ्तार वाली जिंदगी, सोशल मीडिया, पढ़ाई-काम का दबाव और भविष्य की अनिश्चितता जैसी वजहों से यह समस्या काफी तेजी से बढ़ रही है।
स्ट्रेस तब होता है जब हम किसी चुनौती, दबाव या खतरे को महसूस करते हैं वहीं, एंग्जाइटी ऐसी भावना है जिसमें हम बार-बार चिंता, घबराहट या डर महसूस करते हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है।
एंग्जाइटी यानी कि चिंता-घबराहट की समस्या कई कारणों से हो सकती है। समय के साथ इसके लक्षण ठीक भी हो जाते हैं, हालांकि अगर इसमें जल्द सुधार नहीं होता है तो विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी हो जाता है। मानसिक स्वास्थ्य विकारों की इस समस्या को समय रहते इलाज कराना भी बहुत आवश्यक माना जाता है।