देश और दुनिया में बढ़ती जा रहे कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण करने के लिए सबसे प्राथमिक चुनौती, इसकी जांच करना है। कोरोना वायरस की जांच के लिए दुनियाभर में तमाम तरह के जांच किट बनाए और विकसित किए जा चुके हैं। बहुत सारी तकनीकों ने कम समय और कम खर्च में कोरोना जांच का दावा किया। लेकिन देश में सबसे ज्यादा दो जांच प्रक्रिया अपनाई जा रही है- एंटीजन टेस्ट और आरटीपीसीआर टेस्ट। देश में कोरोना जांच की जो रफ्तार बढ़ी है, उसमें एंटीजन किट का अहम रोल रहा है। आरटीपीसीआर टेस्ट की अपेक्षा एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट कम समय में आ जाती है, लेकिन इसकी रिपोर्ट की एक्यूरेसी यानी सटीकता उतनी नहीं है। ढेरों पॉजिटिव मामलों की रिपोर्ट एंटीजन टेस्ट में निगेटिव आई हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट के बावजूद ऐसे मामले सामने आए हैं। ...तो आखिर इन नतीजों पर कितना भरोसा किया जा सकता है?