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Anorexia: वजन घटाने का जुनून कहीं बन न जाए और बड़ी मुसीबत? जानिए एनोरेक्सिया बीमारी के बारे में सबकुछ

Mon, 03 Jul 2023 04:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एनोरेक्सिया एक प्रकार का ईटिंग डिसऑर्डर है - फोटो : iStock
वजन को कंट्रोल में रखना, मौजूदा समय में तेजी से बढ़ती कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए बहुत आवश्यक है। यदि आपका वजन अधिक है या फिर मोटापे के शिकार हैं तो यह स्थिति कई क्रोनिक बीमारियों जैसे हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज की समस्या का कारण बन सकती है। यही कारण है कि इसे कंट्रोल में रखने के उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है। पर ध्यान रहे, यह प्रयास कहीं जुनून न बन जाए? इस स्थिति को एनोरेक्सिया की समस्या कहा जाता है, जो और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

एनोरेक्सिया एक प्रकार का ईटिंग डिसऑर्डर है, जिसमें वजन बढ़ने के डर के कारण लोग खाना ही छोड़ देते हैं। एनोरेक्सिया से पीड़ित लोग अपने वजन और शरीर के आकार को नियंत्रित करने के लिए अत्यधिक प्रयास करते हैं, जो उनके जीवन में महत्वपूर्ण रूप से समस्याओं का कारण बन सकती है। वजन कम करने के चक्कर में खाना छोड़ने या फिर बहुत अधिक वजन घटा लेने के कई गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। कहीं आपको भी तो ऐसे दिक्कत नहीं है?
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एनोरेक्सिया एक प्रकार का मानसिक विकार - फोटो : iStock
एनोरेक्सिया के बारे में जानिए

वजन बढ़ने से रोकने या वजन कम करने लिए, एनोरेक्सिया से पीड़ित लोग आमतौर पर अपने खाने को या तो बहुत सीमित कर देते हैं या फिर छोड़ देते हैं। कई लोग खाने के बाद उल्टी करके, मूत्रवर्धक या एनीमा के माध्यम से भी कैलोरी को नियंत्रित करते हुए भी देखे गए हैं। कई रोगी अत्यधिक व्यायाम भी करने लग जाते हैं जिससे वजन न बढ़े।

चाहे कितना भी वजन कम हो जाए, व्यक्ति को वजन बढ़ने का डर बना रहता है। यह स्थिति पूरे शरीर के लिए गंभीर समस्याकारक हो सकती है। आमतौर पर इसे मानसिक रोग के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

आहार संबंधी प्रतिबंधों से पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे जानलेवा जोखिम भी हो सकते हैं।
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वजन, शरीर के आकार को लेकर चिंतित रहना - फोटो : iStock
कैसे करें इस समस्या की पहचान?

एनोरेक्सिया एक जटिल स्थिति है, इसके शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के लक्षण हो सकते हैं। मुख्य संकेत शरीर का वजन बहुत कम होना है। पोषक तत्वों की कमी से अन्य शारीरिक समस्याओं जैसे मांसपेशियों की कमी, थकान-कमजोरी, अक्सर लो ब्लड प्रेशर या चक्कर आने की समस्या, हाथों और पैरों का ठंडा रहना, बालों का झड़ना, मासिक धर्म की असमानता होने और अनिद्रा की दिक्कत हो सकती है।  व्यक्ति के व्यवहार के आधार पर भी इस समस्या का पता लगाया जा सकता है। 
  • वजन, शरीर के आकार, आहार, कैलोरी और भोजन के प्रति अत्यधिक चिंतित रहना।
  • बहुत अधिक व्यायाम करना।
  • शरीर के वजन और आकार का बार-बार आकलन करना।
  • मोटा होने या अधिक वजन होने के बारे में सोचकर तनाव बढ़ जाना। 
  • भूख लगने पर भी न खाना।

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एनोरेक्सिया क्यों होती है - फोटो : iStock
एनोरेक्सिया की समस्या होती क्यों है?

एनोरेक्सिया का सटीक कारण विशेषज्ञों को पता नहीं है। कई बीमारियों की तरह, यह संभवतः जैविक, मनोवैज्ञानिक और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन के कारण होती है। एनोरेक्सिया से पीड़ित कुछ लोगों में ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर यानी ओसीडी की समस्या भी देखी गई है, जो भूखे होने के बावजूद भोजन न करने पर बाध्य कर सकती है। कुछ लोगों में एनोरेक्सिया के साथ स्ट्रेस-एंग्जाइटी की समस्या भी हो सकती है।
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एनोरेक्सिया की समस्या - फोटो : iStock
एनोरेक्सिया का इलाज और बचाव

यदि डॉक्टर को लगता है कि आपको एनोरेक्सिया की समस्या है तो इसके उपचार के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और आहार विशेषज्ञ दोनों से इलाज की आवश्यकता हो सकती है। कुछ प्रकार के थेरपी, वजन को सामान्य करने वाली दवाओं की मदद से इसका इलाज होता है। हालांकि इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप या घरवाले इन लक्षणों को नोटिस करें और समय पर इलाज कराएं।

ज्यादातर लोग या घरवाले यह समझ ही नहीं पाते हैं कि भोजन छोड़ना या वजन के प्रति इतना जुनूनी होना मानसिक विकार हो सकता है, जिसमें इलाज की आवश्यकता होती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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