कोरोना वायरस पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बना हुआ है। पिछले कुछ महीनों में वैसे तो दुनियाभर में संक्रमण के नए ममाले कम रिकॉर्ड किए गए हैं, हालांकि पिछले हफ्ते
अमेरिका के कुछ स्टेट्स में नए EU.1.1 वैरिएंट के सामने आने के बाद वैज्ञानिकों की चिंता जरूर बढ़ी है।
इस वैरिएंट के बारे में अभी ज्यादा नहीं समझा जा सका है, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये ओमिक्रॉन के XBB.1.5 का ही एक सब-वैरिएंट है। वैज्ञानिकों की टीम ने चेतावनी भी जारी की है कि कोरोना को अब भी हल्के में लेने की गलती न करें, वायरस लगातार म्युटेट हो रहा है औ इससे आने वाले नए वैरिएंट्स से गंभीर जोखिमों का खतरा भी बना हुआ है।
कोविड-19 से बचाव और इलाज को लेकर अब भी अध्ययन जारी है। इसी को लेकर हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि डिप्रेशन के मरीजों को दी जाने वाली एंटीडिप्रेसेंट दवाएं कोविड संक्रमण में फायदेमंद हो सकती हैं। कोरोना संक्रमण को ब्लॉक करने में इसके लाभ देखे गए हैं। आइए इस बारे में समझते हैं।