अल्जाइमर तेजी से बढ़ती गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकारों में से एक है, 60 साल से अधिक आयु के लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती रही है। हालांकि अल्जाइमर रोग, अब भी कई मामलों में पहेली की तरह ही है। वैज्ञानिक अभी भी अल्जाइमर रोग के कारण को ठीक से समझ नहीं पाए हैं, यही कारण है कि इसका कोई विशिष्ट उपचार भी नहीं है। अक्सर उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त में होने वाली कमी को ही अल्जाइमर मान लिया जाता है, हालांकि यह दोनों स्थितियां भी अलग है। इन्हीं सब के बारे में लोगों को जागरूक करने और इस बीमारी के रोकथाम के उद्देश्य से हर साल 21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे मनाया जाता है।
हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि 60 साल या उससे अधिक की आयु वाले जिन लोगों को कोविड-19 का संक्रमण रह चुका है उनमें अल्जाइमर रोग होने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को अल्जाइमर रोग के बारे में सही जानकारी होनी जरूरी है जिससे कि इससे बचाव किया जा सके।
इस न्यूरोलॉजिकल रोग के कारण लोगों के लिए सामान्य कार्यों को करना तक कठिन हो जाता है, इससे जीवन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि सभी लोगों के लिए इससे बचाव के उपायों के बारे में प्रयास करते रहना आवश्यक है। आइए जानते हैं कि अल्जाइमर से बचे रहने के लिए क्या किया जाना बहुत आवश्यक है?