दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए वायु प्रदूषण लगातार गंभीर खतरा बना हुआ है। बुधवार की सुबह भी राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 354 के करीब रहा। स्वास्थ्य विशेषज्ञ 300 से इससे अधिक के एक्यूआई लेवल को सेहत के लिहाजे से बेहद गंभीर मानते हैं। इस प्रकार की वायु के संपर्क में लंबे समय तक रहने वालों में कई प्रकार की गंभीर-क्रोनिक बीमारियों का खतरा अधिक होता है।
दीपावली के बाद से बढ़े प्रदूषण के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाए जाने को दिल्ली में बिगड़ी हवा की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
विशेषज्ञ कहते हैं, वायु गुणवत्ता सूचकांक 0 से 100 तक के बीच को अच्छा माना जाता है। 101 से 150 के एक्यूआई को अस्वस्थ, 150-200 को रोगकारक, 201-300 को खराब और 300 से अधिक को बहुत खराब-घातक वायु की श्रेणी में रखा गया है। जिस तरह से दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा एक्यूआई है, इस तरह की हवा में सांस लेने से कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का जोखिम हो सकता है। इसी खतरे को लेकर विशेषज्ञों ने सभी लोगों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की अपील की है।
आइए जानते हैं कि इस प्रकार की खराब वायु गुणवत्ता के संपर्क में रहने के क्या नुकसान हो सकते हैं?