प्रदूषण के कारण होने वाली समस्याएं
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स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, प्रदूषण का बढ़ना सेहत के लिए कई प्रकार से चिंता कारण हो सकता है। इसका असर केवल फेफड़ों पर ही नहीं, बल्कि आंखों, नाक, गले और हृदय संबंधी स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। प्रदूषित हवा में कुछ समय बिताने के बाद कई लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी या सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगती है। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लंबे समय में प्रदूषित हवा के संपर्क में रहना बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।
आइए जानते हैं कि एक्यूआई बढ़ने का सेहत पर किस तरह से असर होता है?
एक्यूआई बढ़ने पर शरीर में क्या बदलाव होते हैं?
प्रदूषित हवा के संपर्क में आने पर सबसे पहले आंखों, नाक और गले में जलन जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण श्वसन तंत्र में पहुंचकर सूजन और जलन पैदा कर सकते हैं। प्रदूषित हवा में कुछ समय बिताना सेहत के लिए कई तरह से मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
- आंखों में जलन, लालिमा या पानी आना।
- नाक बहना, गले में खराश या बार-बार छींक आना।
- सूखी खांसी या गले में कुछ फंसा हुआ महसूस होना।
- सिरदर्द या थकान महसूस होना।
- अमर उजाला में हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि प्रदूषण के कारण किस तरह से हमारी हड्डियों को भी नुकसान हो सकता है?