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Delhi Air Pollution: बढ़ता प्रदूषण गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी खतरनाक, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां

Tue, 20 Jan 2026 01:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Air Pollution Side Effects: विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण आपके संपू्र्ण स्वास्थ्य को क्षति पहुंचा सकता है। इस तरह का वातावरण गर्भवती महिलाओं और पल रहे बच्चों को भी कई तरह की बीमारियों का शिकार बनाने वाला हो सकता है।
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प्रदूषण का गर्भवती महिला की सेहत पर असर - फोटो : Adobe Stock Photo
राजधानी दिल्ली लगातार एक ऐसे गंभीर संकट से जूझ रही है, जिसका असर बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक की सेहत पर देखा जा रहा है। पिछले करीब दो महीने से दिल्ली की हवा दूषित बनी हुई है। हवा में बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए लगातार मुश्किलें बढ़ाता जा रहा है।

सोमवार (19 जनवरी) को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 'गंभीर श्रेणी' में दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह भी हवा की गुणवत्ता काफी खराब बनी रही। दिल्ली के कुछ हिस्सों में स्मॉग की एक परत छाई रही। अक्षरधाम मंदिर के पास के इलाके का एक्यूआई 445 दर्ज किया गया।

ऐसी गुणवत्ता वाली हवा को विशेषज्ञ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला मानते हैं। इससे दिल और फेफड़े की बीमारियां तो बढ़ती ही हैं साथ ही मस्तिष्क और मेंटल हेल्थ की समस्याओं के लिए भी ये खतरनाक माना जाता रहा है।
 

विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को क्षति पहुंचा सकता है। इस तरह का वातावरण गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे बच्चों को भी कई तरह की बीमारियों का शिकार बनाने वाला हो सकता है।
 
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दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण सेहत के लिए खतरनाक - फोटो : ANI
गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक है प्रदूषण का संपर्क

सोमवार को अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि बढ़ता वायु प्रदूषण आपकी याददाश्त को कमजोर करने वाला हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को भी प्रदूषण से बचाव करते रहना चाहिए। प्रदूषित माहौल में रहने वाली गर्भवती महिलाओं में समय से पहल प्रसव, जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने साथ ही शिशु में हृदय रोगों का खतरा बढ़ने तक का खतरा हो सकता है।

हवा में मौजूद प्रदूषण के सूक्ष्मकण गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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बच्चों की सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com
समय से पहले बच्चे के जन्म का बढ़ जाता है खतरा

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) सहित यूके और आयरलैंड के संस्थानों द्वारा मिलकर किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) के संपर्क में रहने से समय से पहले बच्चे के जन्म (प्रीमेच्योर डिलीवरी) और जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने का खतरा हो सकता है।

बच्चे का कम वजन और समय से पहले जन्म सिर्फ कई तरह की दिक्कतों का कारण बनती है।
  • शिशु मृत्यु दर का जोखिम।
  • बच्चे के विकास में देरी और इससे जुड़ी समस्याएं।
  • भविष्य में डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा।

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बच्चों में ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर का बढ़ जाता है खतरा

वायु प्रदूषण के और भी कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। एनवायरनमेंटल रिसर्च जर्नल में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन की रिपोर्ट बताती है कि बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं। 
  • अध्ययन में पाया गया है कि जन्म से पहले या बाद में, दोनों समय पीएम 2.5 जैसे प्रदूषकों के संपर्क में आने से ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है।
  • 3-9 साल तक के बच्चों में प्रदूषण के संपर्क का असर देखा गया तो पता चलता है कि ये उनके ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाला था।
  • गर्भावस्था के दौरान मां के सांस के जरिए शरीर में पहुंच रहे प्रदूषण के कणों के चलते भी गर्भस्थ शिशु को भविष्य में इस समस्या का खतरा पाया गया।
  • कम उम्र में ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और भविष्य में हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
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गर्भावस्था के दौरान रखें सेहत का खास ख्याल - फोटो : Freepik.com
गर्भावस्था के दौरान बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण और हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सेहत के लिए कई तरह की मुश्किलें बढ़ाने वाले हो सकते हैं। दिल्ली जैसे जिन स्थानों पर वायु प्रदूषण का खतरा अधिक हैं वहां गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
 
  • आसपास के हवा की क्वालिटी चेक करें। जब एक्यूआई खराब हो तो खिड़कियां बंद करके घर के अंदर रहें।
  • अगर आपको बाहर जाना ही है, तो मास्क जरूर पहनें।
  • इनडोर पॉल्यूशन से भी बचाव करना जरूरी है। घर के भीतर की हवा को भी साफ-स्वच्छ रखें।
  • धूम्रपान न करें और सेकेंड हैंड स्मोकिंग से भी बचें। इससे सेहत को गंभीर नुकसान होता है।
  • गर्भावस्था के दौरान हाइड्रेटेड रहें, खूब पानी पिएं।


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स्रोत: 
Pre- and postnatal exposure to PM2.5 and NO2 and blood pressure in children: Results from the ECHO Cohort

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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