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Health Tips: किचन के इन दो मसालों में छिपा है इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर वजन घटाने तक का राज

Mon, 19 Jan 2026 08:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

काली मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने का खतरा कम हो सकता है।
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भारतीय मसालों के स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Freepik.com
आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियों का जिक्र मिलता है जो आपको गंभीर बीमारियों के खतरे से बचाने वाली हो सकती हैं। हमारे किचन में ही आयुर्वेद के कई वरदान मसालों को रूप में मौजूद होते हैं जिनका हम सभी नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं। इन्हीं में से एक है काली मिर्च।

भारतीय चिकित्सा पद्धति में सदियों से काली मिर्च का इस्तेमाल सर्दी-खांसी दूर करने, पाचन और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। काली मिर्च में मौजूद मुख्य सक्रिय तत्व पाइपरीन शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाता है।

काली मिर्च की ही तरह से सफेद मिर्च को भी गुणों का भंडार माना जाता है। इसमें भी कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो आपकी आंखों से लेकर इम्युनिटी बढ़ाने और वजन कंट्रोल करने में मददगार हो सकते हैं। 
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काली मिर्च के कई सारे लाभ - फोटो : Freepik.com
अच्छी सेहत का भंडार है काली मिर्च

आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक काली मिर्च केवल एक मसाला नहीं है बल्कि ये एक तरह की असरदार घरेलू दवा है जिससे आप कई बीमारियों के खतरे को दूर कर सकते हैं। 
  • काली मिर्च पाचन एंजाइम्स के स्राव को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे खाना आसानी से पचता है।
  • इसमें मौजूद पाइपरीन गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या को कम कर सकता है।
  • आयुर्वेद में इसे भूख बढ़ाने वाला और आंतों की सफाई करने वाला माना गया है।
  • अध्ययनों के अनुसार पाइपरीन फैट सेल्स के बनने की प्रक्रिया को धीमा करता है, जो आपके वजन को कंट्रोल रखने में सहायक है।
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सर्दी-जुकाम में फायदेमंद है काली मिर्च - फोटो : Adobe Stock
सर्दी-खांसी हो या इम्युनिटी बढ़ाना सभी में इसके लाभ

काली मिर्च में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। शहद के साथ इसका सेवन गले की खराश, खांसी और बंद नाक में राहत देता है। यह शरीर में जमा बलगम को बाहर निकालने में भी सहायक है।

इसी तरह काली मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। नियमित सेवन से शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने का खतरा कम हो सकता है।
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पाचन के लिए फायदेमंद है काली मिर्च - फोटो : adobe stock images
कई बीमारियों की दवा है सफेद मिर्च

सफेद मिर्च या दखनी मिर्च में ऐसे कई तत्व पाए जाते हैं, जो बीमारियों से बचाव करने में मदद करते हैं। सफेद मिर्च में खुशबूदार तेल, एसेंशियल ऑयल और अल्कलॉइड के साथ-साथ पाइपरीन भी पाया जाता है, जो सूजन कम करने में लाभकारी है। इसके साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो कोशिका के क्षति को रोकने में मदद करते हैं। इस मिर्च में  एंटीट्यूमर गुण भी होते हैं, जो इसे एक कैंसर रोधी बनाते हैं।

आहार विशेषज्ञ प्रीता जैन कहती हैं, सफेद मिर्च का पाउडर बनाकर उसका सेवन शहद में मिलाकर करें या  आप इसे दूध के साथ भी खा सकते हैं। एक दिन में दो चम्मच से अधिक सफेद मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए, वरना नुकसान पहुंच सकता है। सीमित मात्रा में इसके सेवन के कई सारे फायदे हैं।
  • सफेद मिर्च में फ्लेवोनोइड्स पाया जाता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है। 
  • इस मिर्च में विटामिन-ए भी होता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है।
  • सफेद मिर्च का नियमित रूप से सेवन करने से आप आर्थराइटिस से बचे रह सकते हैं। 
  • सफेद मिर्च खाने से अपच, एसिडिटी और ब्लोटिंग में भी आराम मिलता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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