प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए घर पर क्या करें?
- फोटो : AI
बच्चों में दिखने वाले लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर बच्चे को लगातार खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश, सांस फूलने या सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है, तो उसे प्रदूषण के संपर्क से दूर रखें और डॉक्टर से सलाह लें। सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें।
प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए घर पर क्या करें?
- घर की खिड़कियां और दरवाजे प्रदूषण के स्तर को देखकर खोलें।
- घर में धूम्रपान और अगरबत्ती के धुएं से बचें।
- जरूरत के अनुसार HEPA एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- घर के अंदर नियमित सफाई करें, ताकि धूल जमा न हो।
- बच्चों को सड़क किनारे और ट्रैफिक वाले इलाकों में ज्यादा समय न बिताने दें।
- स्कूल प्रशासन से खराब AQI के दौरान आउटडोर गतिविधियां रोकने की अपील करें।
-----------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।