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प्रदूषण के लक्षण: जहरीली हवा के बीच बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं? इन जरूरी सावधानियों को न करें नजरअंदाज

Fri, 06 Nov 2026 12:03 PM IST
श्रुति गौड़ हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

How to Keep Kids Safe While Going to School: इस लेख में जानें कि बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच बच्चों को स्कूल भेजते समय माता-पिता को किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 
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प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए घर पर क्या करें? - फोटो : AI
How to Keep Kids Safe While Going to School:  देश के कई शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण बच्चों की सेहत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। खासतौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलना पड़ता है, जिससे वे धूल, धुएं और जहरीले प्रदूषकों के संपर्क में आ सकते हैं। प्रदूषण का असर बच्चों की आंखों, गले और फेफड़ों पर पड़ सकता है। इससे खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

 ऐसे में माता-पिता के लिए यह जानना जरूरी है कि खराब एयर क्वालिटी के दौरान बच्चों को स्कूल भेजते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं बढ़ते प्रदूषण में बच्चों को स्कूल भेजते समय कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिए।
 
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प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए घर पर क्या करें? - फोटो : AI
 AQI चेक करके ही बच्चों को बाहर भेजें

बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अपने इलाके का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) जरूर चेक करें। अगर प्रदूषण का स्तर बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में है, तो बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी सीमित रखें। स्कूल प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का भी पालन करें।

सही मास्क पहनाकर भेजें

प्रदूषण से बचाव के लिए बच्चों को अच्छी फिटिंग वाला, उम्र के अनुसार उपयुक्त मास्क पहनाएं। N95 या KN95 मास्क सूक्ष्म कणों से बचाव में मदद कर सकते हैं, लेकिन मास्क बच्चे के चेहरे पर सही तरीके से फिट होना चाहिए। छोटे बच्चों को मास्क पहनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। मास्क से सांस लेने में परेशानी हो तो उसका इस्तेमाल रोककर चिकित्सकीय सलाह लें।

 
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प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए घर पर क्या करें? - फोटो : AI
सुबह के समय प्रदूषण का ध्यान रखें

सुबह और शाम के समय प्रदूषण का स्तर कई इलाकों में अधिक हो सकता है। स्कूल जाने से पहले AQI और मौसम की स्थिति देखें। संभव हो तो प्रदूषण ज्यादा होने पर स्कूल प्रशासन से ऑनलाइन क्लास या अन्य विकल्पों के बारे में बात करें।

बच्चों को बाहर खेलने से रोकें

अगर हवा की गुणवत्ता खराब है, तो बच्चों को पार्क, सड़क या खुले मैदान में खेलने न भेजें। स्कूल में भी आउटडोर स्पोर्ट्स और पीटी क्लास को कुछ समय के लिए सीमित करने की सलाह दें। बच्चों को घर के अंदर सुरक्षित गतिविधियों में शामिल करें।

 

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प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए घर पर क्या करें? - फोटो : AI
बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं

बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत डालें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती। उनके टिफिन में मौसमी फल, सब्जियां और पौष्टिक भोजन शामिल करें। ध्यान रखें कि कोई खास फूड प्रदूषण के असर को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन संतुलित आहार बच्चों की सामान्य सेहत के लिए जरूरी है।

स्कूल बैग में जरूरी चीजें रखें

बच्चों के बैग में पानी की बोतल, साफ रुमाल और जरूरत के अनुसार डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां रखें। अगर बच्चे को अस्थमा या एलर्जी की समस्या है, तो स्कूल प्रशासन और टीचर को इसकी जानकारी दें। डॉक्टर के बताए इमरजेंसी प्लान का पालन करवाएं।
 
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प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए घर पर क्या करें? - फोटो : AI

बच्चों में दिखने वाले लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर बच्चे को लगातार खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश, सांस फूलने या सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है, तो उसे प्रदूषण के संपर्क से दूर रखें और डॉक्टर से सलाह लें। सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें।

 प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए घर पर क्या करें?
  •  घर की खिड़कियां और दरवाजे प्रदूषण के स्तर को देखकर खोलें।
  •  घर में धूम्रपान और अगरबत्ती के धुएं से बचें।
  •  जरूरत के अनुसार HEPA एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  •  घर के अंदर नियमित सफाई करें, ताकि धूल जमा न हो।
  • बच्चों को सड़क किनारे और ट्रैफिक वाले इलाकों में ज्यादा समय न बिताने दें।
  •  स्कूल प्रशासन से खराब AQI के दौरान आउटडोर गतिविधियां रोकने की अपील करें।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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