AI vs Doctors: आज के समय में एआई का इस्तेमाल इतना होने लगा है कि हम मेडिकल कंडीशन में भी एआई से ही सलाह लेने लग जाते हैं। ये कितना सही है, आइए इस बारे में जानते हैं।
AI vs Doctors: आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई हमारी जिंदगी के लगभग हर क्षेत्र में अपनी जगह बना चुका है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एआई का इस्तेमाल बीमारी की पहचान, जांच रिपोर्ट के विश्लेषण और मरीज की स्थिति का आकलन करने में बढ़ रहा है। कई एआई आधारित उपकरण एक्स-रे, सीटी स्कैन और दूसरी मेडिकल तस्वीरों में बीमारी से जुड़े संकेतों को पहचानने में डॉक्टरों की मदद कर सकते हैं।
लेकिन सवाल यह है कि बीमारी पकड़ने में एआई कितना सटीक है और क्या एआई डॉक्टर से ज्यादा भरोसेमंद हो सकता है? इसका जवाब इतना सीधा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी स्वास्थ्य संबंधी एआई के इस्तेमाल में सावधानी, सुरक्षा और मानवीय निगरानी की जरूरत बताई है। ऐसे में समझना जरूरी है कि बीमारी की पहचान में एआई और डॉक्टर की भूमिका क्या है।
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बीमारी पकड़ने में AI कितना सटीक?
- फोटो : AI
बीमारी पकड़ने में एआई कितना सटीक है?
एआई बड़ी मात्रा में मेडिकल डेटा का विश्लेषण बहुत तेजी से कर सकता है। खासकर मेडिकल तस्वीरों और कुछ निश्चित जांचों में यह ऐसे पैटर्न पहचान सकता है जिन्हें इंसानी नजर से पकड़ना मुश्किल हो सकता है।
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, एआई और मशीन लर्निंग आधारित मेडिकल उपकरणों का इस्तेमाल शुरुआती बीमारी की पहचान, निदान, जोखिम का आकलन और मेडिकल तस्वीरों के विश्लेषण जैसे कामों में किया जा रहा है।
लेकिन एआई की सटीकता बीमारी, उपकरण, इस्तेमाल किए गए डेटा और मरीज की स्थिति के आधार पर बदल सकती है। इसलिए किसी एक एआई प्रणाली की सटीकता को सभी बीमारियों पर लागू नहीं किया जा सकता।
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डॉक्टर और एआई में किस पर ज्यादा भरोसा?
सीधे तौर पर यह कहना सही नहीं होगा कि हर मामले में डॉक्टर बेहतर हैं या एआई। दोनों की अपनी-अपनी खूबियां हैं।
एआई की ताकत: बड़ी मात्रा में डेटा को तेजी से खंगालना और पैटर्न पहचानना।
डॉक्टर की ताकत: मरीज से बातचीत करना, लक्षणों का संदर्भ समझना, शारीरिक जांच करना और अलग-अलग जानकारी को जोड़कर चिकित्सकीय निर्णय लेना।
एआई की सीमा: गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर परिणाम भी गलत हो सकते हैं।
डॉक्टर की सीमा: इंसान से भी गलती हो सकती है और थकान, अनुभव या जानकारी की कमी निर्णय को प्रभावित कर सकती है।
इसीलिए मौजूदा समय में सबसे उपयोगी तरीका डॉक्टर और एआई का सहयोग माना जाता है। हाल के शोध और विशेषज्ञ चर्चाओं में भी एआई को चिकित्सकीय निर्णय में सहायता देने वाले उपकरण के रूप में देखा जा रहा है, जबकि अंतिम निर्णय में मानवीय निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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क्या एआई गलत बीमारी बता सकता है?
हां। एआई हमेशा सही परिणाम देगा, ऐसा मानना खतरनाक हो सकता है। हाल में इंग्लैंड में एआई आधारित चिकित्सकीय लेखन उपकरणों को लेकर गलत दवा के नाम और गलत निदान दर्ज होने की घटनाओं पर स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई हैं। इसलिए केवल एआई द्वारा बताए गए परिणाम के आधार पर दवा लेना, इलाज शुरू करना या किसी गंभीर बीमारी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
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एआई का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
अगर आप किसी एआई उपकरण से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेते हैं, तो इसे प्रारंभिक जानकारी या डॉक्टर से बातचीत की तैयारी के तौर पर देखें। इसे चिकित्सकीय जांच या डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें।
खासकर गंभीर लक्षण, लगातार दर्द, सांस लेने में परेशानी, अचानक कमजोरी, सीने में दर्द या अन्य आपात स्थिति में एआई पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से उपयोगी होता जा रहा है और कई मामलों में यह डॉक्टरों को बीमारी के संकेत जल्दी पहचानने में मदद कर सकता है। लेकिन अभी इसे हर बीमारी के लिए डॉक्टर से ज्यादा भरोसेमंद मानना सही नहीं होगा। सबसे सुरक्षित तरीका है—एआई से मिली जानकारी को डॉक्टर की जांच और चिकित्सकीय सलाह के साथ मिलाकर देखना। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए सुरक्षा, नैतिकता और उचित निगरानी पर जोर देता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।