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दिन में ली गई झपकी का दिल पर पड़ता है ये असर

Fri, 18 Oct 2019 11:49 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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नींद को लेकर वैज्ञानिकों ने कई शोध किए हैं लेकिन क्या अपने कभी झपकी से संबंधित शोध के बारे में जानने की कोशिश की है। एक शोध में शोधकर्ताओं ने दिन की झपकी का कार्डियोवेस्क्युलर बीमारी से संबंध स्थापित किया है। हालांकि, इससे पहले भी ऐसे शोध हो चुके हैं लेकिन परिणाम नकारात्मक निकले हैं। इस विषय पर सही जानकारी प्राप्त करने के लिए स्विट्जरलैंड में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ लॉसेन के शोधकर्ताओं ने 2003 में नई स्टडी शुरू की। जिसका उद्देश्य दिल की सेहत और दोपहर की झपकी के बीच संबंध स्थापित करना था। 
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इस अध्ययन में 3462 लोगों को शामिल हुए जिन्हे दिल की कोई बीमारी नहीं थी। इन लोगों से कहा गया कि ये दिन मे सोएं और इस बात के नोट बनाते रहें कि उन्हें कैसा महसूस हो रहा है। इन प्रतिभागियों के ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारी से जुड़े अन्य कारकों की जांच होती रही और डाटा बनता रहा।   
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- फोटो : social media
अध्ययन के दौरान दिल से जुड़ी बीमारियों के 155 मामले सामने आए, इनमें कुछ सामान्य और कुछ खतरनाक थे। अध्ययन के अंत में वैज्ञानिकों ने कार्डियोवेस्क्युलर रिस्क कारकों की रिपोर्ट तैयार की, जिसमें दिन में ज्यादा सोने और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्नेआ या ओएसए के बारे में बताया गया।

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- फोटो : pixa
ओएसए क्या है 
ओएसए वह स्थिति है जब मरीज सोते समय ठीक से सांस नहीं ले पाते हैं और इस कारण उनकी नींद बार-बार टूटती है। दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीज को रात में कई बार जागना पड़ता है।  
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- फोटो : pixa
इस अध्ययन के बाद शोधकर्ता निष्कर्ष पर पहुंचे कि जो लोग हफ्ते में दो या तीन बार दिन में झपकी लेते हैं, उनमें सीवीडी यानी कार्डियोवेस्क्युलर संबंंधी बीमारियां कम होती हैं। इसका कारण यह हो सकता है कि दिन में झपकी लेने से तनाव और थकान कम होती है। हालांकि शोधकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा कि दिन की झपकी के बाद जब कोई व्यक्ति उठता है तो उसका रक्तचाप और हृदय गति बढ़ जाती है। जिससे कम समय के लिए कार्डियोवेस्क्युलर बीमारी का खतरा बढ़ता है। वहीं कभी-कभार की दोपहर में सोने से तनाव कम होता है। 
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