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Heartburn vs Heart Attack: हार्ट अटैक नहीं, पंचायत के 'दामाद जी' को हुआ था हार्टबर्न, क्या है दोनों में अंतर?

Sat, 19 Jul 2025 07:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • एक इंटरव्यू में आसिफ ने कहा, "सबसे पहले, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मुझे दिल का दौरा नहीं पड़ा था। यह गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) था। इसके लक्षण दिल के दौरे जैसे लग रहे थे, लेकिन अब मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं।
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पंचायत में दामाद जी का किरदार निभाने वाले अभिनेता आसिफ खान - फोटो : X @aasifkhan
Aasif Khan Health Update: लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत में दामाद जी का किरदार निभाने वाले अभिनेता आसिफ खान की सेहत को लेकर पिछले कुछ दिनों से खूब चर्चा हो रही है। खबर आई थी कि आशिफ खान को हार्ट अटैक हुआ है। इसके अगले दिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने आशिफ ने लिखा, पिछले कुछ घंटों से मैं कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था जिसके लिए मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब मैं ठीक हो रहा हूं और काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं। मैं जल्द ही वापस आऊंगा, तब तक मुझे अपने विचारों में बनाए रखने के लिए आपका धन्यवाद।

अब एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में आसिफ ने बताया कि उन्हे हार्ट अटैक नहीं हुआ था, बल्कि वह हार्ट बर्न का शिकार हुए थे।

चूंकि दोनों ही समस्याओं में लक्षण एक जैसे होते हैं ऐसे में इनकी पहचान कर पाना कठिन हो जाता है। आइए जानते हैं कि हार्ट अटैक और हार्ट बर्न में क्या अंतर होता है?
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आसिफ खान को हार्ट अटैक नहीं हुआ था। - फोटो : X @aasifkhan
आसिफ ने इंटरव्यू में दी सेहत को लेकर जानकारी

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में आसिफ ने कहा, "सबसे पहले, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मुझे दिल का दौरा नहीं पड़ा था। यह गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) था। इसके लक्षण दिल के दौरे जैसे लग रहे थे, लेकिन अब मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं। उन्होंने बताया कि यह घटना घंटों गाड़ी चलाने के बाद हुई। लंबी ड्राइव के बाद रात में सीने में दर्द हुआ और वे बाथरूम में बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल जाना पड़ा।

आइए जानते हैं कि हार्टबर्न और हार्ट अटैक में क्या अंतर होता है और इसकी पहचान कैसे की जाए?
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हार्टबर्न की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
पहले आशिफ खान को हुए हार्ट बर्न की समस्या के बारे में जानते हैं।

हार्टबर्न की समस्या के बारे में जानिए

हार्टबर्न, सीने में जलन होने की समस्या है, ये पेट में बने एसिड के ग्रासनली में वापस आने के कारण होती है। यह गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज का एक सामान्य लक्षण है। वैसे तो ये समस्या अक्सर हल्के स्तर की होती है और सामान्य उपायों से ठीक भी हो जाती है, हालांकि कुछ मामलों में इसके कारण कई तरह की दिक्कतों का खतरा हो सकता है।

हार्ट बर्न के कारण छाती में जलन होता है जो पेट के ऊपरी हिस्से को भी प्रभावित कर सकता है। आमतौर पर खाने के बाद, लेटते या झुकते समय ये दिक्कत अधिक होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, लंबे समय तक बैठे रहने या खान-पान में समस्या के कारण हार्टबर्न होता है। गंभीर स्तर के हार्ट बर्न की समस्या और हार्ट अटैक में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। 

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हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Freepik.com
हार्टबर्न से मिलते-जुलते हैं हार्ट अटैक के लक्षण

डॉक्टर कहते हैं, हार्ट बर्न, एनजाइना और दिल का दौरा के लक्षण कई बार एक जैसे लग सकते हैं। अनुभवी डॉक्टर भी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक जांच के बिना इसकी पहचान नहीं कर पाते हैं। हालांकि हार्टबर्न से इतर हार्ट अटैक की समस्या, दिल की धमनियों में जमाव और इसके कारण रक्त का प्रवाह बाधित होने के कारण होती है।

हार्टबर्न की स्थिति में आमतौर पर सीने में जलन का एहसास होता है, क्योंकि यह पेट के एसिड के ग्रासनली में वापस जाने के कारण होता है। दूसरी ओर, दिल का दौरा पड़ने पर सीने में दबाव, जकड़न या दबाव जैसा महसूस हो सकता है। सीने में जलन की समस्या आमतौर पर खाने के तुरंत बाद या कुछ घंटों के भीतर होती है, वहीं हार्ट अटैक कभी भी हो सकता है।
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हृदय रोगों का खतरा कैसे कम करें? - फोटो : Freepik.com
हार्ट बर्न से कैसे बचाव करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट बर्न के खतरे से बचे रहने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। 
  • भोजन के दौरान ज्यादा पानी न पिएं, इससे आपकी ग्रासनली पर दबाव पड़ता है।
  • लार का उत्पादन बढ़ाने के लिए च्युइंग गम चबाएं। इससे भोजन को पचाने में मदद मिलती है।
  • खाने के बाद लेटने से सीने में जलन हो सकती है, इसलिए भोजन के बाद टहलने की आदत बनाएं।
  • धीरे-धीरे खाएं इससे आपको अपना भोजन अच्छी तरह चबाने में मदद मिलती है।
  • तंबाकू का सेवन सीने में जलन और अन्य बीमारियां बढ़ा देता है। तंबाकू-धूम्रपान से बचें।


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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