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अध्ययन: एंटी वायरल परत वाला मास्क, जानें कैसे रखेगा आपको कोरोना वायरस से सुरक्षित

Sun, 11 Apr 2021 05:22 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस महामारी एक बार फिर से लोगों को अपना शिकार बना रही है। हर दिन काफी संख्या में संक्रमित लोग सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को इस वायरस से बचने के लिए मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है, जो कि कोरोना की शुरुआत से ही दी जा रही है। मास्क पहनने से कोरोना होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। बाजार में कई तरह के मास्क मौजूद हैं, लेकिन क्या आप एंटी वायरस परत वाले मास्क के बारे में जानते हैं? शायद नहीं, तो चलिए आपको इस मास्क के बारे में बताते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, आपको थोड़ा सा पीछे लेकर चलते हैं और याद दिलाते हैं कि पिछले कुछ समय पहले अमेरिका में नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ये एंटी वायरल परत वाला एक मास्क डिजाइन किया। इसको लेकर वैज्ञानिकों ने दावा किया कि इसे पहनने से व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित होने से बच पाएगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस मास्क के कपड़े पर एंटी वायरल रसायन की परत होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ये अध्ययन पिछले दिनों हेल्थ जर्नल 'मैटर' में प्रकाशित हुआ, जिसके मुताबिक प्रयोगशाला में शोधकर्ताओं ने सांस लेने, छोड़ने छींकने, खांसने के अनुकरणों के जरिए पाया कि ज्यादातर मास्क में इस्तेमाल होने वाले लचीले, एक या ज्यादा परत वाले कपड़े इस तरह के मास्क के निर्माण के लिए सही है।

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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
इस अध्ययन में पाया गया कि 19 फीसदी फाइबर घनत्व वाला एक लिंट फ्री वाइप यानी सफाई वाले कपड़े का प्रकार सांस के जरिए बाहर निकली डॉपलेट्स को 82 फीसदी तक संक्रमण मुक्त कर सकता है। साथ ही ऐसे कपड़े में सांस लेने में कठिनाई नहीं होती है। मास्क तैयार करने को लेकर शोधकर्ताओं ने कहा था कि, ये नया मास्क तैयार करने के लिए उन्होंने दो एंटीवायरस केमिकल फॉस्फोरिक एसिड और कॉपर सॉल्ट का इ्स्तेमाल किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस अध्ययन के नेतृत्वकर्ता और नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जियाशिंग हुआंग के मुताबिक, संक्रमित हुए व्यक्ति के छींकने या खांसने के दौरान मुंह से ड्रॉपलेट्स निकलती हैं, जो बेहद खतरनाक सिद्द हो सकती हैं। इसलिए शोधकर्ताओं ने ऐसा मास्क तैयार किया।

अस्वीकरण नोट:  ये लेख हेल्थ जर्नल 'मैटर' में प्रकाशित स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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