दवा
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रिसर्च में भारत की स्थिति सबसे खतरनाक
यह अध्ययन जनवरी 2022 से अक्टूबर 2024 के बीच चार देशों (नीदरलैंड, भारत, इटली और अमेरिका) के 1,244 मरीजों के नमूनों पर किया गया था। कुल वैश्विक औसत 37% रहा, लेकिन भारत के लगभग 350 मरीजों में से 290 यानी 83.1% में एमडीआर किटाणु पाए गए।
एमडीआर या बहु-औषधि प्रतिरोध, एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है जिसमें बैक्टीरिया, वायरस या कवक कई एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं। इन आंकड़ों के अनुसार भारत में किसी मरीज के शरीर में दवा प्रतिरोधी कीटाणु होने की संभावना नीदरलैंड के मरीज की तुलना में लगभग 100 गुना अधिक हो सकती है।