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Health Tips: नोएडा में 550 kg नकली पनीर जब्त, जानें क्यों 'धीमा जहर' होता है सिंथेटिक पनीर

Mon, 13 Oct 2025 08:22 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अक्सर ऐसा होता है कि त्योहार आते ही नकली पनीर जब्त करने की खबरें आने लगती हैं। इसी कड़ी में इन दिनों नोएडा में 5 क्विंटल से अधिक पनीर पकड़े जानें की खबर वायरल हो रही है।
  • इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि अगर कोई गलती से इस पनीर का सेवन करता है तो उसके सेहत पर क्या असर हो सकता है?
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पनीर - फोटो : Amar Ujala
Harmful Effects Of Fake Cheese: नोएडा में 550 किलोग्राम से अधिक नकली पनीर जब्त होने की खबर ने लोगों को इसके सेवन के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि त्योहार के सीजन या सामान्य दिनों में भी बाजार में किस हद तक मिलावट का खतरनाक खेल चल रहा है। नकली पनीर को दूध के बजाय सस्ते, अखाद्य और हानिकारक तत्वों से बनाया जाता है, जैसे कि पाम ऑयल, डिटर्जेंट, यूरिया, और सिंथेटिक केमिकल। 

ये सस्ते तत्व असली पनीर जैसा टेक्सचर तो दे देते हैं, लेकिन ये हमारे शरीर के लिए धीमे जहर का काम करते हैं। इन्हें खाने से होने वाला नुकसान तुरंत दिखाई नहीं देता, लेकिन ये धीरे-धीरे हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों खासकर लिवर, किडनी और पाचन तंत्र को गंभीर रुप से क्षति पहुंचाते हैं।

लंबे समय तक ऐसे पदार्थों का सेवन पाचन संबंधी समस्याएं, किडनी फेल्योर और यहां तक कि कैंसर जैसे घातक रोगों का कारण बन सकता है। कई बार कुछ लोग जानें-अनजाने में नकली पनीर का सेवन कर लेते हैं, ऐसे में ये जानना जरूरी है कि इस नकली पनीर से सेवन से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है।
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पनीर - फोटो : Adobe Stock
लिवर और किडनी पर सीधा हमला
नकली पनीर बनाने में अक्सर यूरिया, डिटर्जेंट और अशुद्ध पाम ऑयल का इस्तेमाल होता है। यूरिया और डिटर्जेंट शरीर के लिए ऐसे टॉक्सिन्स हैं जिन्हें बाहर निकालने का काम मुख्य रूप से लिवर और किडनी करते हैं। जब इन अंगों पर लगातार ऐसे हानिकारक केमिकल्स को फिल्टर करने का बोझ पड़ता है, तो इनकी कार्यक्षमता कम होने लगती है, जिससे लिवर डैमेज और किडनी फेल होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

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paneer - फोटो : Adobe stock
पाचन तंत्र और आंतों की समस्या
सिंथेटिक पनीर में इस्तेमाल होने वाले सस्ते और अमानक तेल तथा स्टार्च-आधारित बाइंडर पेट के लिए भारी होते हैं। इन्हें पचाना मुश्किल होता है, जिससे एसिडिटी, अपच, और आंतों में सूजन की समस्या पैदा हो सकती है। लंबे समय तक ये तत्व आँतों की परत को नुकसान पहुंचाकर पोषण के अवशोषण को भी बाधित करते हैं।

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हार्ट - फोटो : Adobe Stock Images
हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा
मिलावटी पनीर में ट्रांस फैट से भरपूर अशुद्ध वनस्पति तेल या पाम ऑयल का ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है। ये ख़राब फैट्स कोलेस्ट्रॉल के स्तर को तेज़ी से बढ़ाते हैं और रक्त वाहिकाओं में प्लाक जमने का कारण बनते हैं, जिससे उच्च रक्तचाप और अंत में हार्ट अटैक का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
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paneer - फोटो : Adobe stock
नकली पनीर से बचने के उपाय
नकली पनीर से अपनी सेहत को बचाने के लिए हमेशा विश्वसनीय डेयरी या प्रतिष्ठित ब्रांड का ही पनीर खरीदें और खुले में बिकने वाले सस्ते पनीर से बचें। खरीदते समय पनीर को छूकर देखें, असली पनीर नरम और दानेदार होता है, जबकि नकली पनीर अक्सर सख्त या रबर जैसा महसूस होता है।

घर पर जांच के लिए पनीर के एक टुकड़े को गर्म पानी में उबालें अगर वह कड़ा या बिखरा हुआ लगे, तो वह सिंथेटिक हो सकता है। किसी भी तरह की अजीब गंध आने पर उसका सेवन बिल्कुल न करें, क्योंकि ऐसे पनीर में हानिकारक केमिकल्स हो सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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