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Health Risk: 46% लोगों को पता ही नहीं कि उन्हें है ये गंभीर बीमारी, ध्यान न दिया तो जा सकती है जान

Sun, 24 Nov 2024 06:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, उच्च रक्तचाप से पीड़ित करीब 46% वयस्कों को पता ही नहीं है कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर है। ब्लड प्रेशर की समस्या के बारे में पता न होना और भी घातक है क्योंकि इसका स्तर बढ़ना कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : freepik.com
हृदय रोगों को वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है, हर साल हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। हृदय रोगों के लिए जिन कारकों को जिम्मेदार माना जाता है, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) उनमें से एक है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा रहता है, उन्हें न सिर्फ हार्ट अटैक बल्कि स्ट्रोक होने का भी खतरा हो सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि 20 से कम उम्र के लोग भी ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या से परेशान देखे जा रहे हैं। 

हृदय रोगों से बचे रहने के लिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करते रहना जरूरी है। हालांकि इससे संबंधित आंकड़े काफी चिंता बढ़ाने वाले हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, उच्च रक्तचाप से पीड़ित करीब 46% वयस्कों को पता नहीं है कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है। ब्लड प्रेशर की समस्या के बारे में पता न होना और भी घातक है क्योंकि इसका स्तर बढ़ना कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
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रक्तचाप की समस्या - फोटो : Freepik.com
उच्च रक्तचाप की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप की समस्या के कारण धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है। यह स्थिति अगर लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके कारण हृदय, मस्तिष्क, किडनी और अन्य अंगों पर गंभीर असर होने का जोखिम रहता है। हाई ब्लड प्रेशर किडनी की रक्त वाहिकाओं के लिए भी नुकसानदायक है क्योंकि इसके कारण किडनी फेल होने का भी खतरा बना रहता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड प्रेशर की स्थिति के बारे में जानकारी न होना इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि अगर ये लंबे समय तक सामान्य से अधिक बना रहता है तो  इसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा रहता है।
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
कैसे जानें आपको ब्लड प्रेशर है या नहीं?

रक्तचाप का 120/80 mm Hg या इससे कम होना सामान्य माना जाता है। अगर आपका ब्लड प्रेशर लगातार इससे अधिक बना रहता है तो सावधान हो जाने की जरूरत है। जिन लोगों में पहले से हाई ब्लड प्रेशर का निदान हुआ है, उन्हें ब्लड प्रेशर के स्तर को लेकर और भी सावधानी बरतनी चाहिए। 

हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में शरीर में कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं। इसके लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।

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किडनी पर असर - फोटो : Adobe stock
इन लक्षणों पर दें ध्यान

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हमारे शरीर को कई प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है, इसलिए इसके लक्षण भी आपको अलग-अलग तरह के नजर आ सकते हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण सिरदर्द, धुंधला दिखाई देने, चक्कर आने, सांस लेने में तकलीफ होने, नाक से खून आने, मतली और उल्टी होने, भ्रम की समस्या हो सकती है। 

उच्च रक्तचाप के कारण हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी रोगों का खतरा रहता है इसलिए इन अंगों से संबंधित लक्षणों पर भी ध्यान देते रहना चाहिए।
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ब्लड प्रेशर और हार्ट की दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
इन संकेतों को भी न करें अनदेखा

हाई ब्लड प्रेशर के इन लक्षणों के अलावा कुछ लोगों को नाक से खून आने और आंखों से संबंधित दिक्कतें होने का भी जोखिम रहता है।

कई ऐसी स्थितियां हैं जो ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाली हो सकती हैं। ज्यादा नमक खाना, तंबाकू या शराब का सेवन, अक्सर तनाव लेते रहना रक्तचाप को बढ़ाने वाली स्थितियां हैं। इसके अलावा कुछ प्रकार की क्रोनिक बीमारियों जैसे किडनी की समस्या, मधुमेह और स्लीप एपनिया के शिकार लोगों में भी इसका जोखिम देखा जाता रहा है। इससे बचाव करते रहें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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