दुनिया की बड़ी आबादी विटामिन-डी की कमी और इसके कारण होने वाली समस्याओं का शिकार है। अनुमान है कि दुनियाभर में करीब 1 अरब लोगों में इसकी कमी है, जिससे उनमें हड्डी की बीमारियों, ऑटोइम्यून बीमारी और संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है। सूर्य की रोशनी से आसानी से इसकी पूर्ति हो सकती है, फिर भी लोगों में इस जरूरी पोषक तत्व की कमी देखी जा रही है।
क्या आप जानते हैं विटामिन-डी की कमी से सिर्फ हड्डियां कमजोर नहीं होतीं, बल्कि इससे डिमेंशिया का भी खतरा हो सकता है?
वैश्विक स्तर पर पता चलता है कि मौजूदा समय में दुनिया डिमेंशिया जैसी बीमारियों की चुनौती का सामना कर रही है। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता, फैसले लेने की ताकत और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।
अब तक इसके पीछे उम्र, आनुवंशिक कारण, मोटापा, शराब, सिर की गंभीर चोट और कई अन्य जोखिम कारकों की बात होती रही है। लेकिन अब विशेषज्ञों ने पाया है कि जो लोग पर्याप्त मात्रा में धूप नहीं रहते हैं, उनमें भी डिमेंशिया होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।