सही फ्रेम और लेंस चुनें
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डिजाइन और कम्फर्ट
वैसे ब्लैक और ब्राउन फ्रेम या ग्लास वाले सनग्लासेस सबसे ज्यादा पहने जाते हैं लेकिन पिछले कुछ सालों में इस चलन में बदलाव भी आया है। अब लोग ब्लू, ग्रीन, रेड और यलो लैंस वाले ग्लासेस तक लगाने लगे हैं। ये ग्लासेस कूल लुक देने के साथ ही ट्रेंडी वाइब्स भी क्रिएट करते हैं। इनको खरीदते समय भी फिटिंग और लैंस की क्वालिटी का ध्यान तो रखना ही है। साथ ही यह भी देखिए कि फ्रेम का डिजाइन और कलर और लैंस का कलर आपके ऊपर सूट हो रहा है या नहीं। यह हमेशा ध्यान रखें कि लेंस का रंग इस बात पर प्रभाव डालता है कि आपकी आंखों तक कितनी विजिबल लाइट पहुंच रही है।
यदि आप बहुत डार्क कलर लेते हैं लेकिन वह यूवी कोटेड नहीं होता तो भी आँखों को नुकसान पहुंच सकता है लेकिन यही डार्क कलर यूवी कोट होने पर आँखों की सुरक्षा को और बढ़ा देता है। इसलिए ही डार्क ब्राउन, ग्रे और ग्रीन जैसे कलर लेंस के लिए अच्छे माने जाते हैं। जबकि पीला, गोल्डन, लाल, नारंगी आदि रंग मध्यम या कम धूप या बर्फ वाली जगहों के हिसाब से अधिक उपयुक्त होते हैं। इसके साथ ही फ्रेम के मटेरियल पर भी ध्यान दें। यदि चश्मा लगाने के बाद आपकी त्वचा पर रैशेज, खुजली, दाने उठने जैसी समस्या होती है चश्मे द्वारा कवर की जा रही जगह पर धब्बे उठने लगते हैं तो एक बार चश्मे के मटेरियल को चैक करें।
हमेशा ऐसा मटेरियल लें जो स्किन फ्रेंडली हो। अगर मैटल वाली फ्रेम ले रहे हैं तो देर तक धूप में रहने पर यह गर्म होकर मुश्किल खड़ी कर सकती है। आजकल नायलोन, एसिटेट और स्पेशल पॉलिमर के फ्रेम भी मिलते हैं जो आपकी मुश्किल को हल कर सकते हैं। खास बात यह कि आपको चश्मा किस गतिविधि और जगह क हिसाब से लेना है, उसके हिसाब से फ्रेम का चयन करें।