अमर उजाला से कह डालिए अपने दिल की बात
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डिप्रेशन से जूझ रहे बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने खुदकुशी कर ली। उनकी एक्स मैनेजर ने भी कुछ ही दिन पहले खुदकुशी कर ली थी। फिल्म अभिनेत्री जिया खान, टीवी एक्टर प्रत्युषा बनर्जी, कुशल पंजाबी, कुलजीत रंधावा, मनमीत ग्रेवाल, नफीसा जोसेफ, सेजल शर्मा, राहुल दीक्षित समेत कई सेलिब्रेटी डिप्रेशन से जूझते हुए ऐसा कर चुके हैं। आखिर डिप्रेशन इतना खतरनाक क्यों है? क्यों लोग तनाव नहीं झेल पाते और उनकी चिंता लंबे समय के बाद अवसाद में बदल जाती है?
इन सबके पीछे आखिर वह कौन-सा कारण होता है कि व्यक्ति तनाव से अवसाद की स्थिति में पहुंच जाता है। मनोचिकित्सकों के मुताबिक, ऐसी हर स्थिति में जो समान कारण होता है, वह है बातचीत की कमी। डॉ. आलोक बताते हैं कि मन की बात, भावनाएं, दुख आदि अगर मन में ही रह जाए तो व्यक्ति अंदर ही अंदर घुटने लगता है और तनाव बढ़ता चला जाता है।
डॉ. आलोक के मुताबिक डिप्रेशन के बारे में लोग अक्सर बात करने से हिचकते हैं। वह बताते हैं कि जो लोग डिप्रेशन से जूझ रहे होते हैं, वे किसी से बात नहीं करते और अकेला महसूस करते हुए जिंदगी से हार जाते हैं। कई बार डिप्रेशन जब हावी होने लगे तो लोग गलत कदम उठा लेते हैं। आपके आसपास कोई अपना ऐसी किसी स्थिति में न हो, इसका ध्यान आपको भी रखना चाहिए।
अमर उजाला अक्सर मनोवैज्ञानिकों और मनोचिकित्सकों के माध्यम से आप पाठकों की मानसिक उलझनों को दूर करने की कोशिश करता रहा है। समय-समय पर देश के जाने माने विशेषज्ञ अमर उजाला के डिजिटल मंच से आम पाठकों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का निदान बताते रहते हैं।
ऐसे में अब हम करने जा रहे हैं एक नई पहल। आप अपने मन की बात, अपनी भावनाएं अमर उजाला से साझा कर सकते हैं। वह आपके जीवन की कोई भी ऐसी घटना हो सकती है, जिसकी वजह से आप तनाव में रहे हों। आपकी कोई उलझन हो तो वह भी आप हमसे साझा कर सकते हैं।
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